JamshedpurJharkhand

डीएमएफटी फंड से शुरू हो प्राथमिक बच्चों के लिए व्यापक साक्षरता अभियान, कम होगा ड्राॅपआउट होने की आशंका

chaibasa : आज खाद्य सुरक्षा जन अधिकार मंच पश्चिमी सिंहभूम के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त व उप विकास आयुक्त से मिलकर लॉकडाउन के कारण बच्चों की शैक्षणिक क्षमता पर पड़े असर के विषय में बताया और मांग की कि जिला के प्राथमिक बच्चों के लिए व्यापक साक्षरता अभियान शुरू की जाए. उपायुक्त ने मुद्दे की गंभीरता को समझा और मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया. बताया गया कि
पिछले दो साल विद्यालय बंद होने के कारण बच्चों की खास कर ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों की शैक्षणिक क्षमता पर बुरा असर पड़ा है. इस दौरान अधिकांश ग्रामीण बच्चों तक ऑनलाइन शिक्षा की पहुंच बहुत ही कम थी. ग्रामीण बच्चों को पिछले दो वर्ष में न के बराबर शिक्षा मिली है. प्राथमिक स्तर के बच्चे तो पढ़ना लगभग भूल गए हैं. बच्चे कुछ ही दिनों में लॉकडाउन के पहले की तुलना में तीन क्लास आगे की क्लास में पहुंचेंगे. सवाल यह है कि वे कैसे तीन साल उच्च क्लास की पढ़ाई को समझ पाएंगे. ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र में बच्चे ड्रॉपआउट हो सकते हैं.
अभियान के तहत रोज शाम को नियमित विद्यालय के बाद बच्चों को उनके ही टोले में दो घंटे के लिए फाउंडेशन कोर्स की पढ़ाई को पढ़ाया जाए. हर टोले से 10वीं पास युवाओं को टोले स्तर पर ही बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेवारी दी जाए. इनका चयन ग्राम सभा द्वारा किया जाए. चयनित युवाओं को सरल प्रशिक्षण दिया जाए. उनके सहयोग के लिए उन्हें प्रशंसा पत्र और 1000 रुपये प्रति माह की प्रोत्साहन राशि दी जाए. युवाओं के साथ-साथ हर स्तर के सभी प्रशासनिक पदाधिकारी व विभागीय कर्मियों को भी इससे जोड़ा जाए और सब को सप्ताह में कम से कम एक दिन दो घंटे पढ़ाने की जिम्मेवारी दी जाए. ज्ञापन सौंपने वालों में अजित कान्डेयांग, अशोक मुन्डरी, हेलेन सुन्डी, मनीता देवगम, रंजीत किंडो, रमेश जेराई और सिराज दत्ता आदि शामिल थे.

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