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महागठबंधन के घटक दलों को मिलेगा कांग्रेस के भीतरी अंतर्कलह का फायदा!

Nitesh Ojha

Jharkhand Rai

Ranchi : विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर राज्य की सभी पार्टियों के पास बहुत कम समय बचा है. राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी जहां संगठन की मजबूती पर काम रही है. वहीं विपक्ष अभी भी बीजेपी के खिलाफ महागठबंधन बनाने का ख्वाब ही संजोये  हुए हैं . दरअसल सारा मामला सीट बंटवारे पर रुका हुआ है. इन सब से अलग महागठबंधन में बड़े भाई की भूमिका निभाने का दावा कर रही पार्टी जेएमएम कांग्रेस के भीतरी संघर्ष और शनिवार को दिल्ली में होने वाली कांग्रेस की बैठक पर भी नजर रखे हुए है.

इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार पर कोई बड़ा फैसला आ सकता है. अगर ऐसा होता है कि कांग्रेस के संघर्ष का फायदा जेएमएम जरूर उठाना चाहेगा. दरअसल जेएमएम द्वारा मांगी गयी सीटों के बाद कांग्रेस ने सबसे अधिक सीटों की मांग रखी है.

लेकिन इससे जेएमएम खुश नहीं है. अगर डॉ अजय कुमार को पद से हटाया जाता है, तो जेएमएम कांग्रेस पर दबाव डाल उसे कम सीटों पर समझौता करने को कह सकता है. ऐसा कर जेएमएम जेवीएम, आरजेडी सहित वाम दलों को भी संतुष्ट करने की फिराक में है. कांग्रेस के अंतर्कलह को देख उससे नाराज चल रहे अन्य दल (आरजेडी, जेवीएम और वाम दल) भी सियासी रोटी सेंकने से पीछे नहीं हटेंगे.  बता दें कि गुरुवार को कांग्रेस के दो गुटों (डॉ अजय कुमार और सुबोधकांत सहाय समर्थकों) के बीच का संघर्ष सड़क पर आ गया था

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कांग्रेस के बैकफुट में जाने से जेएमएम को फायदा

जेएमएम जानता है कि बड़े भाई की भूमिका में रहते हुए पार्टी ज्यादा सीटों पर चुनाव तभी लड़ सकती है, जब वह कांग्रेस को पूरी तरह से बैकफुट पर रखे. जेएमएम के कार्यकारी अध्य़क्ष हेमंत सोरेन के आवास पर कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने कहा था कि पार्टी कम से कम 25 सीटों चुनाव लड़ेगी. वहीं जेएमएम सरकार बनाने तक की सीटों (41 सीटों) पर चुनाव लड़ने पर कायम है.

ऐसे में महागठबंधन के अन्य घटक दलों (जेवीएम, आरजेडी, वामदल) काफी नाराज हैं, क्योंकि इनके दावे की सीटों की संख्या के बाद इन तीनों के बीच काफी कम सीट बंटवारे को बचेगी. अगर कांग्रेस आपसी संघर्ष से कमजोर होती है, तो जेएमएम कांग्रेस पर दबाव डाल अऩ्य घटक दलों को भी खुश करने से पीछे नहीं हटेगा.

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जेवीएम, आरजेडी सहित वामदल भी हैं खुश

सूत्रों की मानें, तो कांग्रेस के खुले अंतर्कलह को देख जेवीएम, आरजेडी सहित वामदल भी काफी खुश है. प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय कुमार समर्थक सभी कांग्रेस जिला अध्यक्षों का कहना है कि महागठबंधन बनने की स्थिति में पार्टी जेवीएम और आरजेडी के साथ नहीं जाये.  ऐसा करने से कांग्रेस को ज्यादा नुकसान हो सकता है.

जेवीएम और आरजेडी चाहते हैं कि आपसी अंतर्कलह से कमजोर कांग्रेस और कमजोर हो जाये, जिसका सीधा फायदा उन्हें मिले और अधिक सीटो पर उनकी दावेदारी हो सके.  वहीं वाम नेताओं का मानना है कि कांग्रेस की नीयत कभी भी साफ नहीं रही है. पार्टी हेमंत सोरेन के नेतृत्व में तो चुनाव लडेगी, लेकिन किसी भी दशा में वह कांग्रेस से बात नहीं करेगी.

3 अगस्त को आ सकता है कांग्रेस पर बड़ा फैसला

लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस में जो संघर्ष लगातार चल रहा था, वह गुरुवार को सड़क पर उतर आया था. सूत्रों के मुताबिक डॉ अजय और सुबोधकांत समर्थक के बीच हुए संघर्ष को प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह लाइव देख रहे थे. वे जानते हैं कि इससे कांग्रेस की जो छवि बनी, वह पार्टी के लिए विधानसभा चुनाव में काफी घातक साबित हो सकती है. दूसरी तरफ प्रदेश अध्य़क्ष डॉ अजय कुमार द्वारा वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं पर कहे गये अपशब्द से भी उनके समर्थक काफी नाराज है.

पार्टी आलाकमान भी जानता है कि इन नेताओं को नाराज करने से विधानसभा चुनाव में पार्टी को ही नुकसान पहुंचेगा. ऐसे में कांग्रेस कमिटी के महामंत्री केसी वेणुगोपाल ने सभी बड़े नेताओं को दिल्ली तलब किया है. शनिवार यानी 3 अगस्त को इन नेताओं के साथ बैठक होनी है. कयास यह है कि बैठक में प्रदेश अध्यक्ष को लेकर कोई बड़ा फैसला भी आ सकता है.

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