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‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ के निर्देशक से जुड़ी कंपनी पर ब्रिटेन में कर राहत पाने के लिए धोखाधड़ी का आरोप

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New Delhi: एक ओर विजय रत्नाकर गुट्टे द्वारा निर्देशित फिल्म ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ सुर्खियों में हैं. वहीं दूसरी ओर विजय रत्नाकर गुट्टे से जुड़ी कंपनी वीआरजी डिजिटल कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड भी खबरों में है. वीआरजी डिजिटल कंपनी के खिलाफ दाखिल अदालती मुकदमें में न केवल वह भारतीय टैक्स कानून के उल्लंघन का आरोप झेल रही है बल्कि उन्होंने कथित तौर पर कुछ घरेलू कंपनियों के साथ मिलकर ब्रिटिश फिल्म संस्थान के साथ हेराफेरी लेनदेन किया है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इसके साथ-साथ उन्होंने ब्रिटेन में कर में छूट का दावा भी किया था.

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क्या है ब्रिटेन में फिल्म कर छूट में राहत के नियम

ज्ञात हो कि, ब्रिटिश फिल्म संस्थान, फिल्म के प्रमाणन के लिए ब्रिटेन की प्रमुख एजेंसी है. यूके क्रिएटिव इंडस्ट्री टैक्स रिलीफ, ब्रिटिश सरकार के अतंर्गत उन फिल्मों को कर में 25 प्रतिशत की छूट देती है जो ब्रिटेश फिल्म के तौर पर चुनी जाती है. इसके अंतर्गत चुने जाने के लिए प्रोडक्शन कंपनियों को यूके कॉर्पोरेशन टैक्स नेट के अंदर होना चाहिए. साथ ही फिल्म बनाने में खर्च का कम से कम 10 प्रतिशत यूके में खर्च किया जाना चाहिए. ब्रिटेन (यूके) में किए गए वास्तविक व्यय या कुल फिल्म निर्माण खर्चों में से 80 प्रतिशत पर कर राहत मिलता है.

कर में राहत के लिए हेरफेर !

ब्रिटेन की एक स्थानीय अदालत में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स इंटेलिजेंस (डीजीजीएसटीआई) द्वारा दायर एक रिमांड आवेदन में कहा गया है कि वीआरजी डिजिटल कॉरपोरेशन, बॉम्बे कास्टिंग टैलेंट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड (बीसीटीएमपीएल), एक बोहरा ब्रॉस ग्रुप फर्म और होराइजन आउटसोर्स सॉल्यूशंस ने बीसीटीएमपीएल द्वारा ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ में निवेश किए गए पैसे की अधिक मात्रा दिखाने के लिए हेरफेर करके लेनदेन किया गया.

भारत में भी जालसाजी के आरोप

बोहरा ब्रदर्स द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर फिल्म के प्रोड्यूसर्स में से एक हैं. रिमांड आवेदन के अनुसार ये लेनदेन, फिल्म कर में छूट पाने के लिए ब्रिटिश फिल्म संस्थान को धोखा देने या छलने के लिए किए गया था. वहीं भारत के संदर्भ में बात करें तो वीआरजी डिजिटल कॉर्पोरेशन पर नकली चालान बनाने का आरोप है जिसमें 34 करोड़ की जीएसटी शामिल है. यह चालान होरिजन आउटसोर्स सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड ने एनिमेशन और मैनपावर सेवाओं के लिए प्राप्त किए थे. होराइजन आउटसोर्स सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड 170 करोड़ रुपये से ज्यादा की जीएसटी धोखाधड़ी के लिए डीजीजीएसटीआई की जांच के दायरे में है. वही वीआरजी पर सरकार से गलत तरीके से 28 करोड़ रुपये का कैश रिफंड लेने का भी आरोप है.

उल्लेखनीय है कि चीनी का कारोबार करने वाले रत्नाकर गुट्टे के बेटे विजय गुट्टे नवंबर 2018 तक वीआरजी डिजिटल के बोर्ड में थे. डीजीजीएसटीआई ने 2 अगस्त को विजय गुट्टे को गिरफ्तार किया था, फिलहाल वो जमानत पर बाहर है.

बता दें कि ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ विजय रत्नाकर गुट्टे की पहली निर्देशित फिल्म है, जो पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार संजय बारू के इसी नाम की एक किताब पर आधारित है. 11 जनवरी को रिलीज होनेवाली इस फिल्म में अनुपम खेर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अक्षय खन्ना ने सिंह के मीडिया सलाहकार संजय बारू की भूमिका निभाई है.

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