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प्रधानमंत्री को बतायेंगे, मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी भी नहीं दे रही हैं कंपनियां

Bermo:  केंद्रीय न्यूनतम मजदूरी सलाहकार समिति, दिल्ली के अध्यक्ष आवुला गोवर्धन ने रविवार को डीवीसी के बोकारो थर्मल पावर प्लांट का दौरा किया. पावर प्लांट में काम करने वालेसभी सिविल एवं ठेका मजदूरों के कार्यस्थल पर जाकर उनको काम के बदले की जा रही न्यूनतम मजदूरी भुगतान की जांच की. केंद्रीय समिति के अध्यक्ष के साथ बोकारो के एलईओ दीपक चंद्रा भी थे. समिति अध्सक्ष ने पावर प्लांट जाकर प्लांट के निर्माण कार्य में संलग्न कंपनी एवं एआरसी के तहत कार्य करवाले वाले ठीकेदारों के वर्कर्स से उनको दिये जाने वाले पेमेंट, बोनस एवं सामाजिक सुरक्षा पर जानकारी ली. पावर प्लांट में उपस्थित सैकड़ों मजदूरों ने केंद्रीय समिति के अध्यक्ष से अपनी समस्या को प्रस्तुत किया.

जांच में मिलीं कई खामियां

समिति अध्सक्ष ने जांचोपरांत पाया कि पावर प्लांट में काम करनेवाली कई कंपनियां एवं ठेकेदार मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी भी भुगतान नहीं कर रही हैं. जब मजदूर उनसे भुगतान की मांग करते हैं तो कंपनियां या ठेकेदार उन्हें काम से हटाने की बात करते हैं. मजदूरों ने समिति अध्यक्ष को बताया कि पावर प्लांट में काम करने वाली कंपनियां राष्ट्रीय अवकाश के दिन भी काम करवाती हैं और उनको एक दिन का भी अवकाश नहीं दिया जाता है.

मजदूरों को देना होगा डबल भुगतान

समिति अध्यक्ष ने डीवीसी के संयुक्त निदेशक नीरज सिन्हा, उप निदेशक रविंद्र कुमार, सुनील कुमार को निर्देश दिया कि किसी भी कंपनी या ठेकेदार के तहत काम करनेवाले मजदूरों से राष्ट्रीय अवकाश के दिन काम करवाया जाता है, तो काम करने वाले मजदूरों को डबल भुगतान किया जायेगा. भुगतान नहीं करने वाले कंपनियों एवं ठेकेदार पर उन्होंने कार्रवाई करने का निर्देश डीवीसी के संबंधित अधिकारियों को दिया.

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सुलभ का ठेका रद्द करने की मांग

केंद्रीय समिति के अध्यक्ष ने पावर प्लांट में क्लिनिंग का कार्य करने वाली कंपनी सुलभ इंटरनेशनल में काम करने वाले मजदूरों को कंपनी के द्वारा भुगतान करने एवं सुविधाओं को मुहैया करवाने में कई प्रकार की खामियां पायीं. डीवीसी के अधिकारी से सुलभ को दिये गये कार्य को निरस्त करने की मांग की. साथ ही कहा कि डीवीसी फॉरेस्ट में काम करने वाले मजदूरों को भी समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है. उन्होंने इएसआई को मजदूरों के हित में लागू करने की बात कही. कहा कि सप्लाई मजदूरों को भुगतान प्रत्येक माह की सात तारीख को हो जाना चाहिये.

पीएम को सौंपेंगे जांच रिपोर्ट

केंद्रीय समिति अध्यक्ष ने पूछे जाने पर कहा कि वे मामले में जितनी भी खामियां पायी हैं, उसकी रिपोर्ट बनाकर पीएम को दिल्ली जाकर सौंपने का काम करेंगे. केंद्रीय समिति के अध्यक्ष आवुला गोवर्धन से बोकारो सिविल के स्वच्छता विभाग कार्यालय में यूनियन प्रतिनिधियों ने मिलकर अपनी बातों को रखा. डीवीसी स्टाफ एसोसिएशन के आरएस पांडेय, डीवीसी ठेका मजदूर संघ के महामंत्री सह जिप सदस्य भरत यादव, एटक के संबद्ध यूसीडब्लयूयू के अध्यक्ष ब्रजकिशोर सिंह, नवीन कुमार पाठक ने भी केंद्रीय अध्यक्ष के समक्ष मजदूरों की समस्याओं से संबंधित समस्याएं बतायीं. प्रतिनिधियों ने कहा कि बोकारो थर्मल पावर प्लांट में विगत् 30 वर्षों से कार्यरत सप्लाई मजदूरों का पिछले एक वर्ष से वेतन पुनरीक्षण का मामला लंबित है. डीवीसी मुख्यालय प्रबंधन के साथ मसले को लेकर पांच बैठकों के बाद भी नतीजा निकल नहीं पाया है. प्रबंधन सप्लाई मजदूरों को स्थायी नौकरी नही दे सकती है, तो वेतन पुनरीक्षण तो सम्मानजनक करे. ब्रज किशोर सिंह ने बताया कि बोकारो थर्मल में वार्षिक रख-रखाव में कार्यरत अधिकतर दैनिक मजदूरों का कंपनी और ठेकेदारों के द्वारा शोषण किया जाता है. समिति अध्यक्ष के साथ निरीक्षण में बी प्रसाद, बृज बिहारी शर्मा भी थे.

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