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डराने वाली खबर: भारत में शुरु हुआ कोरोना का कम्युनिटी ट्रांसमिशन, विशेषज्ञ बोले- केंद्र ने नहीं ली महामारी एक्सपर्ट की राय

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NW Desk : 31 मई को PM MODI ने रेडियो कार्यक्रम के 65वें भाग में देशवासियों को संबोधित किया. कोरोना संकट पर कई बातें पीएम ने कहीं और लोगों को हिम्मत भी बंधाई. पीएम ने कहा था कि हमारे देश में जनसंख्या ज़्यादातर देशों से कई गुना ज्यादा है, फिर भी देश में बाकि देशों के मुकाबले कोरोना उतनी तेजी से नहीं फैला है. देश में कोरोना से होने वाली मृत्यु दर भी काफी कम है.

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तेजी से फैल रहा है कोरोना कम्युनिटी ट्रांसमिशन

लेकिन इस बीच कई रिपोर्ट्स ऐसी आयी हैं, जिसने सबको चौंका दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में चौथे फेज के लॉकडाउन से ही कोरोना का कम्युनिटी ट्रांसमिशन का मामला शुरू हो गया है. लेकिन इसपर केंद्र की ओर से कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया है.

हेल्थ एक्सपर्ट्स की एक टीम की ओर से दावा किया गया है कि देश के कुछ हिस्सों में तेजी से ये कम्युनिटी ट्रांसमिशन फैल रहा है. एक्सपर्ट्स की जीस टीम की ओर से इसका खुलासा किया गया है, उसमें ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (AIIMS) के हेल्थ एक्सपर्ट्स के अलावा इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के दो शोधकर्ता शामिल हैं.

इस टीम की ओर से कहा गया है कि देश में कुछ बड़े वर्गों और अन्य इलाकों में जो जनसंख्या है, उनके बीच कम्युनिटी ट्रांसमिशन का फैलना शुरू हो गया. एक्सपर्ट्स ने इस बात का दावा दतिया है कि कोरोना महामारी के खिलाफ ठोस कदम उठाने पर एपिडेमियोलॉजिस्ट यानि कि महामारी विशेषज्ञों की राय नहीं ली गयी थी.

लॉकडाउन से कोरोना के फैलने का वक्त बढ़ गया – एक्सपर्ट

रिपोर्ट को सामने लाने वाली टीम में एम्स और आईसीएमआर के एक्सपर्ट्स के साथ ही इंडियन पब्लिक हेल्थ एसोसिएशन, (IPHA), इंडियन एसोसिएशन ऑफ प्रिवेंटिव एंड सोशल मेडिसिन, (IAPSM) और इंडियन एसोसिएशन ऑफ एपिडेमियोलॉजिस्ट (IAE) के विशेषज्ञ शामिल हैं. टीम ने इस रिपोर्ट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप भी दिया है.

महामारी पर सामने आयी रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने कहा है कि अभी के वक्त में ये मानना मुश्किल है कि कोरोना वायरस जैसी महामारी को इसी स्टेज पर खत्म किया जा सकता है. वो भी तब जब देश में कई क्षेत्रों में कम्युनिटी ट्रांसमिशन के जरिए कोरोना का फैलाव हो रहा है.

टीम के विशेषज्ञों की ये भी राय है कि देश में लागू लॉकडाउन से सिर्फ ये फायदा हुआ कि देश में कोरोना वायरस के फैलने का वक्त बढ़ गया. जिससे कर्व को फ्लैट किया जा सके और हेल्थकेयर सिस्टम पर ज्यादा बोझ अचानक से न पड़े.

एक्सपर्ट्स की राय के मुताबिक, कोरोना संकट से अर्थव्यवस्था के साथ ही लोगों की परेशानियां भी बढ़ी हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि 25 मार्च से 31 मई तक लागू लॉकडाउन-4 का चरण कड़ा था. फिर भी कोरोना के केस 25 मार्च को 606 से शुरू होकर 24 मई तक 1,38,845 तक पहुंच गया. स्पष्ट है कि देश में कोरोना के केस तेजी से बढ़े.

कोरोना संक्रमण के मामले में भारत सातवें नंबर पर

बता दें कि देश में कोरोना संक्रमण ने रफ्तार बढ़ती जा रही है. पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 8,392 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमण के मामले बढ़कर 1,90,535 हो गए हैं. वहीं 230 और लोगों की जान जाने के बाद वायरस से मरने वालों की संख्या 5,394 हो गयी है.

कोरोना वायरस से सबसे अधिक प्रभावित देशों की सूची में भारत सातवें नंबर पर है. केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, देश में अभी 93,322 लोगों का इलाज जारी है. जबकि 91,818 ठीक हो चुके हैं और एक मरीज देश छोड़कर जा चुका है. एक दिन में संक्रमण के 8,392 नए मामले सामने आने के बाद देश में कोरोना के मामले बढ़कर 1,90,535 हो गए हैं.

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