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विस्थापित संघर्ष समिति ने गोविंदपुर-स्वांग प्रोजेक्ट का चक्का जाम किया

मामला सीसीएल गोविंदपुर-स्वांग प्रोजेक्ट के लोकल सेल में कोयला ऑफर का

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Bermo: सीसीएल कथारा एरिया के गोविंदपुर-स्वांग प्रोजेक्ट में विगत् चार माह से बंद पड़े लोकल सेल के कोयला ऑफर की मांग को लेकर विस्थापित संघर्ष समिति के बैनर तले चक्का जाम किया गया. आंदोलन के तहत कोयले का डिस्पैच पूरी तरह रोक दिया गया. इसके बाद आंदोलनकारियों की स्वांग-गोविंदपुर पीओ के साथ वार्ता हुई. पीओ ने कोल इंडिया में 8 से दो दिवसीय हड़ताल को देखते हुए आंदोलन समाप्त करने का आग्रह किया. साथ ही कहा कि कोयला का ऑफर से संबंधित पत्र जीएम के एरिया से रांची भेजा गया है. पर आंदोलनकारी मानने के लिए तैयार नहीं हुए. उनका कहना था कि सीसीएल कथारा एरिया के जीएम जब तक आंदोलन स्थल पर आकर उन्हें इस संबंध में लिखित आश्वासन नहीं देते, आंदोलन समाप्त नहीं किया जायेगा.

हजारों लोगों के समक्ष जीवकोपार्जन की समस्या 

आंदोलनकारियों का कहना है कि विगत् पांच माह से सीसीएल प्रबंधन के द्वारा लोकल सेल के लिए कोयला का ऑफर बंद कर दिया गया है. इससे हजारों लोगों के समक्ष जीवकोपार्जन की समस्या उत्पन्न हो गयी है. साथ ही ट्रकों के मालिकों को वाहन खड़ा कर वाहन की किस्ती तथा अन्य खर्च वहन करने पड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रबंधन से जब भी ऑफर को चालू करने की बात की जाती है, तो इसे टाला जाता है. जवाब होता है ऐसा सरकार के निर्देश पर किया जा रहा है. जिससे पावर प्लांटों को कोयला की सप्लाई की जा सके. उन्होंने कहा कि पावर प्लांटों को चलाने के लिए कोयला देना चाहिए. लेकिन सरकार के इस फैसले से हजारों परिवारों के समक्ष जो संकट आन पड़ा है, उसके बारे में भी विचार करना चाहिए. वक्ताओं ने कहा कि पिछले दिनों गोविंदपुर प्रोजेक्ट से निकाली गयी रैली एवं प्रदर्शन के बाद घोषणा की गयी थी कि बंद कोयला के ऑफर को जल्द चालू कर दिया जायेगा. परंतु कोयला का ऑफर सिर्फ बोकारो करगली एरिया में ही चालू किया गया. इससे स्पष्ट पता चलता है कि सीसीएल प्रबंधन भी उपरोक्त मसले पर दोहरी नीति अपना रहा है.

वार्ता में ये लोग थे शामिल

गोविंदपुर पीओ कार्यालय में आयोजित वार्ता में पीओ के अलावा कथारा एरिया के जीएम प्रतिनिधि एके बनर्जी, स्थानीय थाना के अवर निरीक्षक बदरे आलम खान, आंदोलनकारी प्रतिनिधियों में डॉ दशरथ महतो, कृष्णा निषाद, ईश्वर चंद्र प्रजापति, सुरेंद्र राज, विश्वनाथ यादव, मनोज साहनी, धर्मेंद्र सिन्हा, विनय मिश्रा, मुन्ना साव आदि शामिल थे.

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