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आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में कमर्शियल माइनिंग एक बड़ा कदम, राज्यों का राजस्व बढ़ेगा, 3 लाख लोगों को मिलेगी नौकरी: पीएन सिंह

Dhanbad: भाजपा जिला कार्यालय में सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए सांसद पीएन सिंह ने कहा कि देश मे कोयला उत्पादन बढ़ाकर भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भारत सरकार ने 18 जून से कोयले की कमर्शियल माइनिंग शुरू की है.

उन्होंने कहा कि व्यवसायिक खनन के पहले चरण में 5 राज्यों ओडिशा, झारखण्ड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में कुल 41 कोल ब्लॉक की नीलामी प्रस्तावित है. इन सभी खदानों के पास सम्मिलित रूप से लगभग 16 हजार 9 सौ 79 मिलियन टन कोयला रिजर्व है. इससे सालाना अधिकतम 225 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया जा सकता है जिससे अगले 40 वर्षो तक कोयले का उत्पादन हो सकेगा.

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सिर्फ राज्यों के हिस्से आयेगा राजस्व


सांसद ने कहा कि कमर्शियल माइनिंग से सारा राजस्व सिर्फ राज्यों के हिस्से ही आयेगा. 41 खदानों की नीलामी से इन राज्यों को 20 हजार करोड़ रुपये का न्यूनतम राजस्व प्राप्त होगा. झारखण्ड सरकार को भी कमर्शियल माइनिंग से सालाना 4 से 5 हजार करोड़ का राजस्व मिलेगा. इस कदम से 3 लाख लोगों के लिए नौकरियां पैदा होंगी. इससे लोगों का पलायन रुकेगा.

साथ ही उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 -20 में देश मे कुल 958 मिलियन टन कोयला की खपत हुई जिसमें 707 मिलियन टन देश ने खुद उत्पादित किया और 251 मिलियन टन कोयले का आयात किया. देश ने कुल कोयला खपत का लगभग 26 प्रतिशत आयात किया. कोयले के आयात पर देश हर साल डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक विदेशी मुद्रा खर्च करता है.

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