JamshedpurJharkhand

दूसरी बीमारियों संग कोरोना का कांबिनेशन बन रहा घातक, TMH में मरनेवाले 19 मरीजों में ज्यादातर ऐसे ही थे

बीपी और शुगर के मरीज ज्यादा सावधानी बरतें क्योंकि इस मौसम में हार्ट अटैक की आशंका ज्यादा होती है

डॉ राजन चौधरी

Jamshdpur :  अगर आप कैंसर, लीवर, हॉर्ट, बीपी या डायबिटीज जैसी बीमारियों के शिकार हैं, तो कोरोना की तीसरी लहर को हल्के में न लें. कोविड के दौरान मरने वाले अधिकतर मरीजों में वैसे लोग हैं, जो कोमर्बिडिटीज (दूसरी बीमारियों) के मरीज हैं. टाटा स्टील के मेडिकल सर्विसेज के एडवाइजर डॉ राजन चौधरी ने शुक्रवार को मीडिया को बताया कि पिछले एक सप्ताह में टीएमएच में 15 मरीजों की मौत हुई, जो इससे पहले के सप्ताह में केवल 4 थी. अब तक मरनेवाले 19 मरीजों में एकाध को छोड़कर अधिकतर वैसे मामले हैं,  जो पहले से किसी दूसरी बीमारी के शिकार थे. उन्होंने बताया कि इन मरीजों में से दो कैंसर, किडनी और दिल की बीमारियों के मरीज थे. 10 साल के एक बच्चे की भी मौत हुई है, जो पहले से ही दिल की बीमारी से ग्रसित था. डॉ चौधरी ने कहा कि दूसरी बीमारियों के साथ अगर कोरोना का कांबिनेशन हो गया, तो वह घातक साबित हो रहा है. ऐसे में शहरवासियों को अपने घर में रहने वाले वैसे बड़े-बुजुर्ग का खास ध्यान रखना है, जो पहले से ही किसी बीमारी के शिकार हैं. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बीपी और डायबिटीज के मरीजों को बेहद सावधानी से रहने की जरूरत है, क्योंकि इस मौसम में दिल का दौरा पड़ने की संभावनाएं ज्यादा होती हैं. बीपी की दवाइयां नियमित रूप से लेने के साथ ही एक्सरसाइज करना जरूरी है.

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अभी जमशेदपुर में पीक आना बाकी, टेस्टिंग भी होगी कम

डॉ राजन चौधरी ने कहा कि आईसीएमआर (इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च) नयी दिल्ली की नयी गाइडलाइन आने वाली हैं, जिसमें अब टेस्टिंग को कम किया जायेगा. ऐसे में संभव हो स्थानीय या राष्ट्रीय स्तर पर आने वाले कोरोना के मामले में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी नहीं दिखे. लेकिन इसका यह कतई मतलब नहीं होगा कि कोरोना के मामले कम हो रहे हैं. अब आईसीएमआर ने एसिम्प्टोमेटिक केसेस की टेस्टिंग नहीं करने का दिशा-निर्देश जारी करने जा रहा है. पोजिटिव मामले के साथ ही गंभीर मरीजों की संख्या भी बढ़ेगी. ऐसे में हमें अभी भी पूरी सावधानी बरतनी है और किसी भी तरह के लक्षण दिखने के बाद टेस्ट जरूर कराना है. उन्होंने कहा कि अगर देश के स्तर पर भी देखा जाये तो अभी मामले बढ़ रहे हैं. ऐसे में जमशेदपुर में अभी मामले नीचे जाने का कोई सवाल ही नहीं है. आने वाले कुछ हफ्ते निर्णायक होंगे.

अब परिजनों को मरीजों के बारे में मिलती रहेगी जानकारी

डॉ राजन चौधरी ने कहा कि कोरोना के मरीजों के परिजनों की यह शिकायत रहती थी कि उनके मरीज की स्थिति के बारे में समय-समय पर जानकारी नहीं मिलती. इसे देखते हुए हमने फैसला किया है कि वैसे मरीज जो विभिन्न वार्ड में भर्ती हैं, उन्हें टीएमएच विश्वास एप के साथ ही हर रोज एक घंटे मरीज की स्थिति के बारे में डॉक्टर बतायेंगे.

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