न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

कोका-कोला के वाइस प्रेसीडेंट बोले- रांची का ही हूं मैं, सीएम ने कहा- झारखंड के सूपत हैं, कर्ज उतारें

387

Akshay/Gaurav

Ranchi : ग्लोबल एग्रीकल्चर एंड फूड समिट में निवेश की बात छोड़ दें, तो ऐसी कई सारी चीजें हुईं, जिनपर वहां मौजूद किसानों ने खूब ताली बजायी. जितनी ताली केंद्रीय मंत्री और सीएम के संबोधन के वक्त नहीं बजी, उतनी ताली मंगोलिया के राजदूत गोनिचिंग गैनबोल्ड के भाषण शुरू करते ही बजी. दरअसल, मंगोलिया के राजदूत ने जैसे ही भाषण शुरू किया, उन्होंने कहा, “माननीय मुख्यमंत्री”. उनका मंगोलियाई रंग-रूप देखने के बाद किसी को भरोसा नहीं था कि वह अपना संबोधन हिंदी में शुरू करेंगे. लेकिन, लगातार जब वह फर्राटेदार हिंदी बोलने लगे, तो कइयों को विश्वास नहीं हुआ कि वह हिंदी में भी बोल सकते हैं. उनके संबोधन को मंच पर मौजूद सभी आतिथियों के अलावा किसानों और पत्रकारों ने खूब गौर से सुना. दोबारा वहां मौजूद लोग तब चौंके, जब कोका-कोला के वाइस प्रेसीडेंट अपना संबोधन देने पहुंचे.

Trade Friends

कोका-कोला का वीपी आखिर एग्रीकल्चर समिट में क्या कर रहा है : अमजद

मंच पर कोका-कोला के वाइस प्रेसीडेंट इश्तियाक अमजद ने सबसे पहले कहा कि आखिर ग्लोबल एग्रीकल्चर एंड फूड समिट में कोका-कोला का प्रतिनिधि क्या कर रहा है. उन्होंने कहा, “कई देशों में सबसे ज्यादा फल खरीदनेवाली कंपनी कोका-कोला ही है. कंपनी जितना भी फल खरीदती है, उसका 95 फीसदी भारत से ही खरीदती है. मेरी कोशिश है कि मैं 100 फीसदी फल भारत से ही खरीदूं.” लेकिन, लोगों की ताली इस बात पर नहीं बजी. श्री अमजद ने आखिर में जब कहा, “मैं रांची से हूं”, तो वहां लोग भौंचक्के रह गये. तालियों की गड़गड़ाहट पूरे स्टेडियम में गूंज गयी. उन्होंने कहा, “मेरे पिता एचईसी धुर्वा में काम करते थे. मैंने यहीं से अपनी पढ़ाई की है. यहीं अपना बचपन बिताया है. यहीं से मैंने सेना ज्वॉइन की और बाद में लंबा सफर तय करते हुए आज कोका-कोला के साथ हूं.” सीएम जब अपना संबोधन खत्म कर रहे थे, तो आखिर में उन्होंने श्री अमजद का नाम लेते हुए कहा, “जब आप झारखंड से हैं, तो यहां का कर्ज उतारें.”

कोका-कोला के वाइस प्रेसीडेंट बोले- रांची का ही हूं मैं, सीएम ने कहा- झारखंड के सूपत हैं, कर्ज उतारें

WH MART 1

…और जब मंत्री रणधीर सिंह अंग्रेजी में पढ़ने लगे पीएम का संदेश

अपने संबोधन में झारखंड के कृषि मंत्री रणधीर सिंह को पीएम का भेजा हुआ संदेश पढ़ना था. हालांकि, संदेश हिंदी और अंग्रेजी दोनों में था. शुरुआत मंत्री जी ने अंग्रेजी से की. उनकी अंग्रेजी पढ़ने के तरीके से लोगों में खुसुर-फुसुर होने लगा. खासकर मीडिया गैलेरी में बैठे पत्रकार काफी लुत्फ लेकर मंत्री जी को सुन रहे थे. अंग्रेजी खत्म करने के बाद उन्होंने फिर हिंदी में उसका अनुवाद पढ़ा, जिसमें वह काफी सहज दिख रहे थे.

इसे भी पढ़ें- 48 सालों तक राज करने वालों के वंशज पूछ रहे कि कृषि की योजनाएं लंबित क्यों हैं : केंद्रीय कृषि मंत्री

इसे भी पढ़ें- मोमेंटम झारखंड: 3.10 लाख करोड़ के 210 MOU, गुजर गये 635 दिन- एक भी प्रोजेक्ट जमीं पर नहीं

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

kohinoor_add

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like