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जामताड़ा में कोयला ढुलाई ठप, गाड़ी मालिकों और चालक-खलासी के समक्ष रोजी-रोटी का संकट

Jamtara : चितरा एसपी माइंस से जामताड़ा रेलवे साइडिंग तक कोयला ढुलाई बंद है. पिछले 6 दिनों से गाड़ी मालिक व डाइवर खलासी संघ ने कोयला ढुलाई बंद कर दिया है.  इसका कारण किराये में बढ़ोत्तरी व अनफिट डंपरों से कोयले ढुलाई की मांग शामिल है. कोयला ढुलाई ठप होने की वजह से देश के बड़े-बड़े थर्मल पावर स्टेशन को कोयला नही मिल रहा है तो दूसरी तरफ जिले के 500 डंपर चालकों के समक्ष रोजी रोटी की समस्या हो गयी है. इस मामले ने अब राजनीतिक रंग भी लेना शुरू कर दिया है. इसमें सत्ता पक्ष व विपक्ष के दो नेता डॉ इरफान अंसारी व विधायक रणधीर सिंह समस्या के समाधान के लिए मैदान में उतर गए हैं.

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जिला प्रशासन ने डंपर मालिकों पर अनफिट गाड़ी के लिए किया है फाइन

 

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बता दें कि कोयला ढुलाई करनेवाले गाड़ी मालिकों पर दोहरी मार पड़ी है. एक तरफ चितरा एसपी माइंस के ट्रांसपोर्टरों की ओर से डंपर मालिकों को किराया कम दिया जा रहा है, दूसरी तरफ जिला प्रशासन ने भी अनफिट गाड़ियों पर लाखों का जुर्माना लगा दिया है. इससे गाड़ी मालिकों की कमर टूट गयी है. चितरा से कोयला ढुलाई हाइवा से करने को लेकर ट्रांसपोर्टरों ने भी दांव पेंच चलाया है. ट्रांसपोर्टरों ने पुराने डंपरों को हटाने के लिए ही चाल चली है.

चितरा से रोजाना जामताड़ा तक 500 डंपरों से होती है कोयला ढुलाई

 

चितरा से जामताड़ा रेलवे साइडिंग तक रोजाना 500 डंपरों से कोयला ढुलाई की जाती है. इससे गाड़ी मालिक व ड्राइवर खलासी की रोजी रोटी चलती है. लेकिन ट्रांसपोर्टरों ने कोयला ढुलाई में कम किराया देने, जिला प्रशासन की ओर से अनफिट गाड़ियों पर जुर्माना लगाने,  ओवरलोडिंग पर जुर्माना लगाने से वर्तमान में गाड़ी मालिक व चालक खलासी संघ ने कोयला ढुलाई बंद रखा है.

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संघ ने गाड़ी के कागजात नही बनाने का लगाया आरोप

 

गाड़ी मालिक व चालक खलासी संघ ने कहा कि जामताड़ा में जितनी गाड़ियां चल रही है वे सभी गाड़ी 15 साल से नीचे के है. फिर भी अनफिट गाड़ियों का कोई कागजात जिला परिवहन विभाग में नही बन रहा है. कहा कि इस तरह के गाड़ियों के कागजात दूसरे जिले में बन रहे हैं. लेकिन जामताड़ा जिला में नहीं बन रहा है. साथ ही संघ ने ओवरलोडिंग में एक से दो टन की छूट देने की मांग जिला प्रशासन से की. जामताड़ा विधायक एक तरफ गाड़ी मालिक व चालक संघ का खुल कर सपोर्ट कर रहे है तो दूसरी तरफ एसपी माइंस चितरा पर जामताड़ा पर से सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है. कहा कि चितरा जामताड़ा का डीएमएफटी व सीएसआर के तहत विकास नही किया जा रहा है.

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