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मनरेगाकर्मियों की हड़ताल टूटने पर सीएम का संघ को धन्यवाद, कहा- उनकी संवेदनाओं को ध्यान में रख कर रही काम

Ranchi  :  करीब 45 दिनों से चल रहे मनरेगा कर्मियों की हड़ताल समाप्त किये जाने पर मुख्यमंत्री ने मनरेगा संघ के सदस्यों को धन्यवाद दिया है.

उन्होंने कहा है कि आप सभी अनुबंधकर्मियों की समस्याओं के निदान हेतु सरकार ने पहले ही एक उच्चस्तरीय समिति गठित कर रखी है. उनकी सरकार मनरेगाकर्मियों की दर्द को समझती है. सरकार उनकी पीड़ा और संवेदनाओं को प्राथमिकता पर रखकर कार्य कर रही है, और करती भी रहेगी.

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बता दें कि मनरेगा कर्मी 28 जुलाई से हड़ताल पर थे. गुरुवार को विभागीय मंत्री और अधिकारियों के साथ प्रोजेक्ट भवन में हुई बैठक के बाद हड़ताल वापस लेने पर सहमति बनी.

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बाल मजदूरी एक कलंक, इसे मिलजुल कर खत्म करना होगा

अपने एक अहम निर्देश में सीएम सोरेन ने बाल मजदूरी एक कलंक बताते हुए इसे मिलजुल कर खत्म करने की बात की है. सीएम ने पलामू स्थित मनातू में बाल मजदूरी करवाने की जानकारी को गंभीरता से लिया है.

उन्होंने जिले के डीसी को मामले की जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. साथ ही संबंधित परिवारों को जरूरी सरकारी योजनाओं से आच्छादित करने,  बच्चों को शिक्षा हेतु स्कूल में दाखिल कराकर सरकार को सूचित करने का निर्देश दिया है.

बता दें कि सीएम को जानकारी मिली थी कि मनातू में बाल मजदूरी करवाने का गोरखधंधा चल रहा है. जहां 2,000 रुपये में बच्चों को राजस्थान भेजा जा रहा है. मामले की जानकारी के बाद उपरोक्त निर्देश सीएम ने दिया है.

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दो बच्चों के इलाज का सीएम का निर्देश

वहीं सीएम ने धनबाद निवासी 13 वर्षीय सचिन को मदद करने का निर्देश जिले के डीसी को दिया है. सीएम को बताया गया था कि सचिन अप्लास्टिक एनेमिया जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है. चिकित्सकों ने बोन मैरो ट्रांसप्लांट करने को कहा है. पिता की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण इलाज नहीं हो पा रहा है.

वहीं अपने एक अन्य निर्देश में हेमंत सोरेन ने बोकारो को भण्डारीदह निवासी निखिल निश्चल को असाध्य रोग उपचार योजना के अंतर्गत मदद देने का निर्देश डीसी को दिया है. सीएम को बताया गया था कि निखिल निश्चल की दोनों किडनी खराब हैं. वह अंतिम सांसे गिन रहा है. उसका परिवार आर्थिक तंगी का सामना कर रहा है. निखिल को मैट्रिक की परीक्षा में 98 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए हैं.

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