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सीएम रघुवर दास की घोषणा से खजाने पर पड़ेगा 111 करोड़ का अतिरिक्त बोझ

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  • जल सहिया, किसानों को मोबाइल, पेंशन राशि में वृद्धि और पारा शिक्षकों के मानदेय में बढ़ोत्तरी
  • मार्च से ही जलसहियाओं को मिलेगा 1000 रुपये प्रतिमाह मानदेय
  • 21,878 किसानों को मोबाइल देने में खर्च होगा 4.38 करोड़
  • पारा शिक्षकों को मानदेय देने में हर महीने खर्च होंगे 21.30 करोड़
  • 20 लाख 29 हजार 738 पेंशनधारियों को एक अप्रैल से मिलेगी बढ़ी राशि, हर माह 81.19 करोड़ होंगे खर्च
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Ranchi: मुख्यमंत्री ने पिछले दो माह के अंदर जल सहिया, किसानों को मोबाइल, पेंशनधारियों के पेंशन राशि में वृद्धि और पारा शिक्षकों के मानदेय में बढ़ोत्तरी की घोषणा की है. इसमें मार्च से जलसहियाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये मानदेय देने की घोषणा की है. पेंशन धारियों को बढ़ी हुई राशि एक अप्रैल 2019 से लागू होगी. 21878 किसानों को मोबाइल दिये जायेंगे. प्रति मोबाइल 2000 रुपये खर्च होगा. इस हिसाब से मोबाइल में 4.38 करोड़ रुपये खर्च होंगे. राज्य खजाने में सीएम की घोषणा के बाद लगभग 111 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा.

2029738 पेंशनधारियों के पेंशन में औसतन 400 रुपये की वृद्धि

प्रदेश के 2029738 पेंशनधारियों के पेंशन में औसतन 400 रुपये की वृद्धि की गई है. मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इसकी स्वीकृति भी दे दी गई. सभी श्रेणी के पेंशन धारियों के पेंशन राशि बढ़ाकर हर माह 1000 रुपये दिये जायेंगे. यह एक अप्रैल 2019 से लागू होगा. इस पर हर माह 81.19 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च होगा.

किस पेंशन योजना में कितने की वृद्धि

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशनधारियों को 1000 रुपये प्रतिमाह, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना के तहत प्रतिमाह 1000 रुपये दिये जायेंगे. फिलहाल 600 रुपये प्रतिमाह दिये जा रहे हैं. इसी तरह राज्य योजना के तहत राज्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, आदिम जनजाति पेंशन योजना, राज्य विधवा सम्मान पेंशन योजना, स्वामी विवेकानंद नि:शक्त स्वावलंबन प्रोत्साहन योजना के तहत पेंशन राशि को 600 से बढ़ाकर 1000 रुपये करने का फैसला लिया गया है. एचआइवी पीड़ित व्यक्तियों के लिए अलग से राज्य सुरक्षा पेंशन योजना के तहत अब 600 से बढ़ाकर 1000 रुपये दिये जायेंगे.

जलसहियाओं पर हर महीने होंगे चार करोड़ रुपये खर्च

जलसहियाओं को प्रतिमाह मानदेय देने में चार करोड़ रुपये खर्च होगा. राज्य में 40 हजार जलसहिया हैं. उन्हें मार्च से प्रतिमाह 10,000 रुपये मानदेय देने की घोषणा सीएम ने की है. इसी तरह राज्य के 21,878 किसानों को मोबाइल देने की घोषणा सीएम ने की है. प्रति मोबाइल पर खर्च 2000 रुपये आयेगा. इस हिसाब से मोबाइल की खरीद पर 4.38 करोड़ रुपये खर्च होंगे.

किस पर कितना खर्च

नाम                           संख्या               खर्च

जलसहिया                  40000              4 करोड़(प्रतिमाह)

पेंशन                         2029738       81.19 करोड़(प्रतिमाह)

किसानों को मोबाइल    21878         4.38 करोड़( एक बार ही खर्च)

पारा शिक्षक (उच्च प्राथमिक स्तर)

कटेगरीसंख्यावर्तमान मानदेयअनुशंसित  राशिअंतरबढ़ी राशि(हर महीने बोझ)

 

टेटपास42491016415000483620548164
प्रशिक्षित8192968013000332027197440
अप्रशिक्षित71189541150025481811628

 

पारा शिक्षक(प्राथमिक स्तर)

कटेगरीसंख्यावर्तमान मानदेयअनुशंसित  राशिअंतरबढ़ी राशि(हर महीने बोझ)

 

टेटपास9169943814000456241828978
प्रशिक्षित345608954120003046105269760
अप्रशिक्षित7201822610500227216360672

 

उच्च शिक्षास्तर पर पारा शिक्षकों पर प्रतिमाह 49557232 (4.96 करोड़ लगभग) खर्च होंगे.

प्राथमिक शिक्षा स्तर पर पारा शिक्षकों पर प्रति माह 163459410 (16.35 करोड़ लगभग) खर्च होंगे.

इसके अलावा मानदेय पर काम करने वाले कर्मियों की संख्या

मनरेगा कर्मी: प्रदेश में मनरेगा कर्मियों की संख्या लगभग 6000 है. ये भी मानदेय में बढ़ोत्तरी की मांग कर रहे हैं.

आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका: राज्य में आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका की संख्या लगभग 73000 है. ये भी मानदेय में बढ़ोत्तरी को लेकर आंदोलनरत हैं.

रसोइया: प्रदेश में रसोइयों की संख्या 1,20,000 है. लेकिन सरकार राज्य भर में सिर्फ 84,000 रसोइयों को मानदेय देती है. उनकी मांग है कि उनका मानदेय 18,000 प्रति महीना नहीं तो कुशल श्रमिक को मिलनेवाला दैनिक भत्ता मिले, जो 369 रुपए प्रतिदिन है.

कृषि मित्र: राज्य भर में कृषि मित्रों की संख्या करीब 13,600 है. इन्हें मानदेय के नाम पर प्रोत्साहन राशि दी जाती है. मानदेय बढ़ोतरी को लेकर कृषि मित्र हमेशा आंदोलनरत रहते हैं. फिलहाल इन्हें प्रोत्साहन राशि के नाम पर 1,000 दिया जाता है.

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