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जो अफसर नियमों की आड़ में काम में बाधा बनेगा, उसे वीआरएस दे देंगे जो काम लटकायेगा, उसकी छुट्टी तय: मुख्यमंत्री

Ranchi: मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि झारखंड में विकास की काफी संभावना है. यहां संसाधन और क्षमता होने के बाद भी समुचित विकास नहीं हो पाया है. यहां फाइल को लटकाने का काम नहीं चलेगा. जो अफसर नियमों की आड़ में काम में बाधा बनेगा, उसे वीआरएस दे देंगे. हमें समस्या नहीं, समाधान चाहिए. नियमों का पालन करते हुए समाधान.जो काम लटकायेगा, उसकी छुट्टी तय है. राज्य में अब और लालफीताशाही नहीं चलेगी.

काम पूरा करना हर किसी की जिम्मेदारी-सीएम

इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के पूरा होने से बड़ी संख्या में लोगों को लाभ होगा. यहां के लोगों का जीवन स्तर सुधर जायेगा. इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के मामले में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. तय सीमा में काम पूरा करें. उक्त निर्देश उन्होंने झारखंड मंत्रालय में राज्य में चल रहे केंद्र सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की समीक्षा के दौरान दिये. झारखण्ड हम सब का राज्य है हमें मिलकर इसे विकसित बनाना होगा.

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यह हर किसी की जिम्मेवारी है. जल्द परिणाम के लिए टीम वर्क की जरूरत है. हम टीम झारखंड बनाकर काम कर रहे हैं, तो नतीजे दिख रहे हैं. लेकिन अभी भी कई ऐसे क्षेत्र है जहां हम धीरे हैं. इन क्षेत्रों में भी तेजी लाने की जरूरत है. जब कोई प्रोजेक्ट क्लियरेंश के लिए आये, एक साथ जितनी जानकारी मांगनी है, मांग लें. ये नहीं की एक जानकारी मांगे, जब उसका जवाब आ जाये तब दूसरे जानकारी मांगे. इसी से काम धीरे होता है.

मानसून के दौरान सारी कागजी कार्रवाई पूरी कर लें: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के दौरान सारी कागजी कार्रवाई पूरी कर लें. 20 अगस्त के बाद धरातल पर काम शुरू हो जाने चाहिए. पीएसयू कंपनियों की जमीन पर जो जनहित के तहत शौचालय, प्रधानमंत्री आवास योजना आदि का काम होना है, उसके लिए 30 दिन में एनओसी दें, अन्यथा एनओसी दिया माना जायेगा. जिला के उपायुक्त इस दिशा में तेजी से काम शुरू कर दें. इस संबंध में संबंधित पीएसयू के वरीय अधिकारियों के पास पत्र चला जायेगा. उन्होंने कहा कि जहां-जहां पाइपलाइन बिछाने का काम है, वहां के लोगों को जागरूक करें. उनकी जमीन नहीं ली जायेगी. जमीन के काफी नीचे से पाइपलाइन गुजरेगी, इसकी एवज में उन्हें मुआवजा भी मिलेगा. वे उस पर खेती-बाड़ी कर सकेंगे. इसी प्रकार जो लोग विस्थापित हुए हैं, उनके लिए चिन्हित जमीन का जल्द म्यूटेशन करायें. 15 अगस्त तक यह काम निपटा लें. इसके बाद बड़ा आयोजन कर लाभूकों को जमीन के कागजात दिये जायेंगे. लोगों को पता लगेगा कि सरकार उजाड़ नहीं रही, बसा रही है.

कोल इंडिया से 15 अगस्त तक 1100 नौकरियां देने का निर्देश
राज्य में बंद पड़े कोल ब्लॉक को जल्द शुरू करने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि कोल ब्लॉक शुरू होने से स्थानीय स्तर पर काफी लोगों को रोजगार मिलेगा. डिस्ट्रीक माइनिंग फंड के तहत राशि मिलने से उस क्षेत्र में आधारभूत सरंचना का विकास होगा. सरकार को भी विकास कार्यों को चलाने के लिए राजस्व मिलेगा. जो कंपनी कोल ब्लॉक लेने में रूचि नहीं दिखा रहीं है, उनकी सूची बनायें. ताकी मंत्रालय को इसकी सूचना दी जा सके और नये निवेशक को आमंत्रित किया जा सके. जेएसएमडीसी की माइंस जल्द चालू करें. इसके चालू होने से राज्य के छोटे-छोटे उद्योगों को कोयला मिलने में आसानी होगी. बैठक में उन्होंने कोल इंडिया से 15 अगस्त तक 1100 नौकरियां देने का निर्देश दिया. इस संबंध में राज्य सरकार में लंबित जरूरी मंजूरी को जल्द देने का निर्देश दिया.

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बैठक में मुख्य सचिव  सुधीर त्रिपाठी, विकास आयुक्त  डीके तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव  सुनील कुमार बर्णवाल, पथ सचिव  केके सोन, पीसीसीएफ  संजय कुमार, एडीजी (अभियान)  आरके मल्लिक समेत विभागों के सचिव, अधिकारी, जिलों के उपायुक्त, वरीय पुलिस अधिकारी, विभिन्न पीएसयू कंपनियों के अधिकारी, एनएचएआइ, रेलवे, गेल के अधिकारी उपस्थित थे.

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