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CM का आदेश नहीं मानते CS रैंक के अफसर! मुख्यमंत्री ने एक हफ्ते में DFO को हटाने को कहा था, अबतक कार्रवाई नहीं

Ravi Bharti

Ranchi: राज्य में अखिल भारतीय सेवा के अफसर अब मुख्यमंत्री का भी आदेश नहीं मानते हैं. मुख्य सचिव रैंक के अफसर सह प्रधान मुख्य वन संरक्षक (हेड ऑफ फोर्स) ने सीएम के आदेश की भी अनदेखी की है. मुख्यमंत्री ने अगस्त में हुए अंतिम जनसंवाद में आईएफएस राजीव रंजन को सप्ताह भर में हटाने का निर्देश दिया था. कहा भी था- भ्रष्टाचार से कोई समझौता नहीं होगा. तत्काल उसे हटायें. इसका प्रस्ताव लायें.

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सिविल सर्विसेस बोर्ड की बैठक भी नहीं हुई

अखिल भारतीय सेवाओं के अफसरों को बदलने के लिये सिविल सर्विसेस बोर्ड की बैठक होती है. इसमें अध्यक्ष मुख्य सचिव होते हैं. सचिव कार्मिक विभाग के सचिव होते हैं. इसके अलावा वन विभाग के पीसीसीएफ भी बैठक में मौजूद रहते हैं. इसी बैठक में विभाग के द्वारा अफसरों के नामों का प्रस्ताव रखा जाता है. अब तक यह भी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है.

आरोपों से घिरे रहे हैं IFS राजीव रंजन

2000 बैच के IFS राजीव रंजन का विवादों से गहरा नाता रहा है. सरकारी राशि के गबन के आरोप में उनपर विभागीय कार्रवाई चल रही है. इस कारण उनकी प्रोन्नति भी रोक दी गई है. उनके बैच के अफसर सीएफ (वन संरक्षक) बन गये हैं. जबकि राजीव रंजन फिलहाल डीएफओ के पद पर ही हैं.

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क्या है राजीव रंजन पर आरोप

राजीव रंजन पर हजारीबाग में 1600 एकड़ वन भूमि के गबन का आरोप है. इसका रिकॉर्ड भी गायब कर दिया गया है. मुख्यमंत्री जनसंवाद में शिकायतकर्ता ने इस मामले को रखा था. इस पर पीसीसीएफ संजय कुमार भी गोल-मटोल जवाब देते रहे. राजीव रंजन पिछले तीन साल से हजारीबाग पश्चिमी प्रमंडल में डीएफओ के पद पर पदस्थापित हैं. पीसीसीएफ ने कहा था कि एक सप्ताह के अंदर हटा दिया जायेगा. और तीन महीने के अंदर जमीन भी वापस ले ली जायेगी.

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