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गढ़वा की बेटी के सवालों का CM के पास नहीं जवाब, पूछा- छह साल दौड़े, वाजिब पैसा नहीं मिला

सीएम ने स्वीकारा- सिस्टम में है खामियां, धीरे-धीरे हो रहा सुधार, सीधी बात में सीएम ने कुल 18 मामलों की समीक्षा की

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Ranchi: मुख्यमंत्री सीधी बात कार्यक्रम में हर बार सीएम या सीएम के प्रधान सचिव शिकायतकर्ता के शिकायतों को सुनते हुए उनके सवालों का जवाब देते हैं. लेकिन मंगलवार को शिकायकर्ता के सवाल का जवाब सीएम के पास भी नहीं था. सीएम ने दबे स्वर में स्वीकार किया कि सिस्टम में खामियां हैं, धीरे-धीरे ठीक होगा. हुआ यूं कि गढ़वा की बेटी रंजीता खालखो अपनी शिकायत लेकर सीधी बात कार्यक्रम में पहुंची थी. रंजीता ने सीएम रघुवर दास से कहा कि मेरे पिता भदलू उरांव ने फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्र में तीन मई 2012 से 14 जनवरी 2014 तक टैंकर से पानी की आपूर्ति की. 10 अक्तूबर 2014 को पिता की मौत भी हो गई. लेकिन 40 लाख बकाये का भुगतान नहीं हो सका. छह साल से कभी पेयजल विभाग तो कभी आपदा विभाग का चक्कर लगा रही हूं. पैसे मिल जाता तो पापा को बीमारी से बचा लेते.

रंजीता ने सीएम से पूछा आखिर किसकी है गलती

गढ़वा की बेटी रंजीता ने सीएम से दो टूक पूछा आखिर किसकी गलती है. पेयजल और आपदा विभाग में फेंका-फेंकी हो रही है, तो इसमें क्या मेरी गलती है. छह साल दौड़े यह क्या कम है. छह भाई बहन है कौन देखेगा, सिस्टम दुरुस्त नहीं है. अब एक दिन का भी समय नहीं देंगे. ब्याज के साथ पैसा दीजिये. इस पर सीएम ने स्वीकार किया कि सिस्टम में खामी की वजह से जनता को नुकसान होता है. सिस्टम धीरे-धीरे सुधरेगा. छह दिन का समय दो. वहीं एक अन्य मामले में देवघर के संजय कुमार ने कहा कि 81 माह से वेतन नहीं मिला है. पेयजल विभाग में पंप ऑपरेटर के रूप के कार्यरत थे. इस पर कहा गया कि आवंटन मिलते ही भुगतान कर दिया जायेगा.

DEO के रिक्वेस्ट पर नहीं चलेगी सरकार, लें एक्शन

अनुप कुमार सिंह और अशोक शर्मा चैनपुर परियोजना बालिका उच्च विद्यालय में 1992 से आदेशपाल के पद पर कार्यरत थे. दोनों को जून 2011 तक वेतन एवं एसीपी का भुगतान किया गया. अगस्त 2011 में स्कूल को बंद कर दिया गया और प्रतिनियोजन पर नियुक्त शिक्षक अपने मूल विद्यालय में चले गये. फरवरी 2015 में कोर्ट ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा को दोनों की नियुक्ति का आदेश दिया था. मामला अब तक लंबित है. इस पर सीएम ने कहा कि डीइओ के रिक्वेस्ट पर सरकार नहीं चलेगी. 20 दिन में डीइओ पर एक्शन लें.

बोकारो डीसी को कहा, सुनो संज्ञान मत बताओ

बोकारो के सतीश सिंह कुशवाहा ने कहा कि बाल विकास परियोजना चास शहरी के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के 48 माह का मकान किराया लंबित है. शिकायतकर्ता ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और किराया भुगतान का आग्रह किया. इस पर सीएम ने बोकारो डीसी से पूछा, डीसी ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है. इस पर सीएम भड़क गये और कहा कि सुनो संज्ञान मत बताओ, एक सप्ताह में जितना बकाया है वह पूरा ब्यौरा विभाग को भेजो.

एक लाख रुपये देने की घोषणा

जमशेदपुर से आई शिकायतकर्ता ने कहा कि भाई एचआइवी से पीड़ित है. आंख की रोशनी चली गई है. एमजीएम में इलाजरत है. सिर्फ पिछले दो माह से पेंशन मिल रहा है. इस पर सीएम ने इलाज के लिये एक लाख रुपये देने की घोषणा की. एक अन्य मामले में लोहरदगा के लाल प्रमोद नाथ शाहदेव ने कहा कि मेरे भाई लाल विनोद नाथ शाहदेव की दोनों किडनी खराब है. रांची के गुरुनानक अस्पताल में इलाज चल रहा है. पहले चरण में 2.5 लाख रुपये मिल चुके हैं. इलाज के लिये और आर्थिक मदद की जरूरत है. इस पर सीएम ने कहा कि जो बन सकेगा वो किया जायेगा. स्वास्थ्य सचिव से अस्पताल प्रबंधन से बात करने की बात कही.

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