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मुख्यमंत्री श्रमिक योजना को सीएम ने दिखाई हरी झंडी, कहा- 5 लाख से अधिक परिवारों को मिलेगा लाभ

Ranchi. राज्य के युवाओं को रोजगार देने के अपने चुनावी वादे की दिशा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एक कदम आगे बढ़ गए हैं. शुक्रवार को प्रोजेक्ट भवन में मुख्यमंत्री ने नगर विकास विभाग अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री श्रमिक योजना Mukhyamantri SHRAMIK (SHRAMIK – Shahri Rozgar Manjuri For Kamgar) Yojna को हरी झंडी दिखाई.

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मनरेगा की तर्ज पर संचालित यह योजना एक तरह से गारंटी वाली योजना है. योजना के ऑनलाइन शुरुआत कर सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि शहरी क्षेत्रों के अकुशल श्रमिक के लिए लागू इस योजना अंतर्गत 5 लाख या उससे अधिक परिवारों को लाभान्वित करने का लक्ष्य है.

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उन्होंने कहा कि कोरोना काल में शुरू की जा रही इस योजना से शहरी क्षेत्र में गरीबी रेखा से नीचे के 31 % जनसंख्या को लाभ मिलेगा. इस दौरान हेमंत सोरेन ने योजना से जुड़े रांची नगर निगम क्षेत्र के 5 लाभुकों को जॉब कार्ड भी दिया. लाभ पाने वाले लाभुकों का नाम सरिता तिर्की, शिवम भेंगरा, शान्ति मुकुट खलको, रोहित कुमार सिंह और सूरज कुमार वर्मा शामिल हैं.

 

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यह जॉब कार्ड 3 साल तक मान्य रहेगा. कार्यक्रम में सीएम के साथ मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, विभागीय सचिव विनय चौबे, पेयजलापूर्ति विभाग सचिव प्रशांत कुमार, आईटी निदेशक राय महिमापत रे, नगर आयुक्त मुकेश कुमार सहित राज्य के 51 शहरी निकायों के अधिकारी ऑनलाइन उपस्थित थे.

भूखमरी से न कोई न मरे

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के लिए आज का दिन काफी ऐतिहासिक है. राज्य को एक नयी पहचान देने के प्रतीक चिन्ह लागू होने के साथ ही शहरी अकुशल श्रमिकों के सरकार ने नयी योजना लायी है. हेमन्त ने कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण कितने श्रमिक बेरोजगार हुए हैं, यह किसी से छिपा नहीं है.

उन्होंने कहा कि झारखंड मूलतः श्रमिक प्रधान राज्य है. करीब 10 लाख लोग काम की तलाश में बाहर जाते हैं. लेकिन आज कोरोना के कारण इनके समक्ष बेरोजगारी की स्थिति आ गयी है. सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी लोग इस राज्य में भुखमरी से न मरे. इस दिशा में सरकार नई-नई योजनाओं को ला रही है. इसी कड़ी में आज शहरी अकुशल श्रमिकों के लिए यह योजना शुरू की गयी है.

 

25 करोड़ रुपये किये गए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन

सीएम ने कहा- लॉकडाउन के दौरान कोई भी व्यक्ति भूख से ना मरे, इसके लिए सरकार ने हर संभव प्रयास किये. दीदी किचन, कम्युनिटी किचन, थानों में किचन की व्यवस्था कर बेरोजगार श्रमिकों को सरकार ने खाना खिलाया. DBT के माध्यम से बेरोजगार श्रमिकों को करीब 25 करोड़ रुपये ऑनलाइन ट्रांजेक्शन किए गए. सरकार के कई विभागों विशेष कर ग्रामीण विभाग अंतर्गत संचालित मनरेगा योजनाओं से करोड़ों मानव कार्य दिवस सृजित किए गए.

दीदी किचन से कुपोषण को रोकने में मिली सफलता

मुख्यमंत्री ने कहा कि दीदी किचन योजना राज्य में कुपोषण रोकने की दिशा में भी कारगर साबित हुआ है. एक सर्वे में पता चला है कि ग्रामीण क्षेत्रों में योजना से कुपोषित बच्चों को काफी लाभ मिला. सरकार अब इस टारगेट पर काम कर रही है कि कैसे ऐसे ही योजनाओं को संचालित कर राज्य को कुपोषण के अभिशाप से मुक्त किया जाए.

मनरेगा की तर्ज पर शुरू हुई है योजना

विभागीय सचिव विनय कुमार चौबे ने बताया कि लांच की गई योजना पूरी तरह से मनरेगा की तर्ज पर होगी. अर्थात यह एक तरह से रोजगार गारंटी योजना की तरह होगी. शहरों में निवास करनेवाले 18 वर्ष से ज्यादा उम्र के अकुशल श्रमिकों को 1 वित्तीय वर्ष में 100 दिनों का रोजगार गारंटी मिलेगा. अगर किसी आवेदक कामगार को आवेदन के पंद्रह दिन के अंदर काम नहीं मिलता है, तो वो बेरोजगारी भत्ता का हकदार होगा.

योजना की विशेषता

इस दौरान विभागीय सचिव विनय कुमार चौबे ने योजना से जुड़े कई विशेषताओं का भी जिक्र किया.
– इस योजना के तहत सरकार शहरी क्षेत्र में उपलब्ध बजट का ही प्रयोग करेगी.
– इसके अतिरिक्त “क्रिटिकल कैप फंड” सभी नगर निकायों को उपलब्ध कराया जाएगा.
– मजदूरी का भुगतान बैंक खातों के माध्यम से कार्य समाप्ति या 1 सप्ताह के बाद (दोनों में जो पहले हो) किया जाएगा.
– किसी भी परिस्थिति में 15 दिन के अंदर भुगतान अनिवार्य रूप से कर दिया जाएगा.
– योजना के लिए वार्षिक कार्य योजना का निर्माण प्रत्येक वित्तीय वर्ष के 3 माह पहले से प्रारंभ होगा.
– श्रम बजट से पूर्व विभिन्न स्कीमों की मानव दिवस उपलब्धता भी वार्ड स्तर पर उपलब्ध कराई जाएगी.
– नगर निकाय के अधिकारी इस योजना के नोडल अधिकारी होंगे.

रजिस्ट्रेशन कराने के बाद मिलेगा योजना का लाभ

विभागीय सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री श्रमिक योजना के तहत अकुशल श्रम करने वाले तैयार परिवारों को पहले रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा. इसे कराने के बाद योजना अंतर्गत काम मिलेगा. इस योजना को शुरू करने की कई उद्देश्य है जो निम्न है.
– गरीब परिवारों की खाद सुरक्षा पोषण के अवसर बढ़ाना और उनके जीवन में सुधार लाना
– शहरी क्षेत्रों में साफ सफाई स्वच्छता और शुद्ध वातावरण का सृजन करना
– शहरी क्षेत्रों में हरियाली का विस्तार करना
– शहरी क्षेत्र में संचालित विभिन्न योजनाओं के साथ समय पूरा होने की गारंटी करना
– विभिन्न संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों का बेहतर रखरखाव करना.

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