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सीएम ने BIT सिंदरी को IIT की तरह विकसित करने का दिया निर्देश

  • हेमंत ने कहा- जिलों के साथ-साथ प्रमंडल मुख्यालयों में भी अतिरिक्त महिला कॉलेज बनाने की दिशा में हो काम

Ranchi : शुक्रवार को उच्च व तकनीकि शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रत्येक जिले में बने पॉलिटेक्निक कॉलेजों के संचालन को अपनी सरकार की पहली प्राथमिकता बताया है. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बीआईटी सिंदरी इंजीनियरिंग कॉलेज के अंतर्गत 450 एकड़ जमीन है. ऐसे में इसे आईआईटी  के अनुरूप विकसित करने और जिलों के साथ-साथ प्रमंडल मुख्यालयों में भी अतिरिक्त महिला कॉलेज बनाने की दिशा में काम हो. इससे छात्राओं को डिग्री लेने का बेहतर अवसर प्राप्त होगा.

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आठ नये पॉलिटेक्निक कॉलेजों में 2021 में एडमिशन प्रोसेस शुरू करने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में आठ नये पॉलिटेक्निक कॉलेज बनकर तैयार हैं. इन कॉलेजों में वर्ष 2021 में नामांकन की प्रक्रिया शुरू कर पठन-पाठन का कार्य सुनिश्चित करायें. बता दें कि वर्तमान समय में राज्य में 17 जिलों में पॉलिटेक्निक कॉलेज पहले से स्थापित हैं. आठ नवनिर्मित पॉलिटेक्निक कॉलेजों में पढ़ाई शुरू होने से  राज्य में कुल 25 पॉलिटेक्निक कॉलेज हो जायेंगे.

रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए जनवरी में जेपीएससी को भेजी जायेगी अधियाचना

बैठक में सीएम को बताया गया कि रांची विश्वविद्यालय,  डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, कोल्हान विश्वविद्यालय, जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय, विनोबा भावे विश्वविद्यालय, बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय, नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय और सिदो-कान्हू विश्वविद्यालय में कुल 3732 पद स्वीकृत हैं. इनमें 2030 पद रिक्त हैं. वहीं कुल 2030 शिक्षकों के रिक्त पदों के विरुद्ध 1350 पदों की नियुक्ति झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा प्रक्रियाधीन है.

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मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति से संबंधित सभी मामलों को ससमय पूरा करें. इसपर विभागीय अधिकारियों ने बताया कि शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने का कार्य प्रगति पर है. दिसंबर तक रोस्टर क्लियर कर जनवरी में अधियाचना निश्चित रूप से जेपीएससी को भेज दी जायेगी.

खुला विश्वविद्यालय होने से आर्थिक दृष्टिकोण से पिछड़े लोगों को मिलेगा फायदा

मुख्यमंत्री को बताया गया कि विभाग द्वारा राज्य में खुला विश्वविद्यालय, जनजातीय विश्वविद्यालय, झारखंड एजुकेशन ग्रिड एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म को स्थापित किये जाने पर कार्य किया जा रहा है. बता दें कि राज्य के विद्यार्थियों को पड़ोसी राज्य बिहार में स्थापित नालंदा खुला विश्वविद्यालय में अध्ययन करने के लिए विवश होना पड़ता है. सीएम ने कहा कि झारखंड ओपेन यूनिवर्सिटी की स्थापना होने से आर्थिक दृष्टिकोण से पिछड़े लोग, जो सुदूर नगरों और महानगरों में जाकर अध्ययन नहीं कर सकते हैं, उन्हें सुविधा होगी. वहीं, जनजातीय विश्वविद्यालय के होने से जनजातीय संस्कृति व परंपरा पर शोध को बढ़ावा मिलेगा.

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