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राजधानी के पिठोरिया पीएचसी से सीएम ने किया टेलीमेडिसीन सेंटर का उद्घाटन

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  • एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के तहत 100 पीएचसी में योजना की शुरुआत
  • सहिया और एएनएम डिजिटल डिस्पेंसरी सुविधा की जानकारी ग्रामीणों को देंगी
  • हाईवे में एंबुलेंस की सुविधा होगी शुरू

Ranchi : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बुधवार को राजधानी के पिठोरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) से टेलीमेडिसीन और एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम की शुरुआत की. योजना की शुरुआत अपोलो हॉस्पिटल एंटरप्राइजेज के सहयोग से की गयी है. टेलीमेडिसीन की सुविधा राज्य के 100 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में शुरू की गयी है. इसके तहत पलामू में 14, दक्षिणी छोटानागपुर में 11, उत्तरी छोटानागपुर में 25, कोल्हान में 18 और संतालपरगना में 33 टेलीमेडिसीन केंद्र शुरू किये गये हैं. इन केंद्रों पर गरीबों, वंचितों को चिकित्सकीय सलाह दी जायेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को डिजिटल डिस्पेंसरी की सुविधा नि:शुल्क मिलेगी. हमें डिजिटल इंडिया के तहत डिजिटल झारखंड बनाना है, जहां स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और पेंशन का लाभ आईटी के जरिये उपलब्ध कराया जा सके. उन्होंने कहा कि राज्य भर में 300 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का संचालन हो रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अपने चार वर्ष के कार्यकाल में पलामू, हजारीबाग, दुमका में मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया गया. उन्होंने कहा कि राज्य के 68 लाख परिवारों में से 57 लाख परिवार को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा गया है, जिसके लिए 400 करोड़ की अतिरिक्त राशि खर्च की जा रही है.

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राजधानी के पिठोरिया पीएचसी से सीएम ने किया टेलीमेडिसीन सेंटर का उद्घाटन

अब हाईवे में भी मिलेगी एंबुलेंस सेवा

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीमार लोगों को निर्धारित समय में एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है. वर्तमान में 299 एंबुलेंस का संचालन हो रहा है. 30 और नयी एंबुलेंस जल्द मरीजों को उपलब्ध करायी जायेंगी. राज्य के प्रमुख हाईवे पर भी एंबुलेंस सेवा उपलब्ध करायी जायेगी, जो पुलिस से टैग भी होगी. इससे पुलिस को भी घटना की जानकारी मिल सकेगी.

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चार साल में शिशु और मातृ मृत्यु दर में आयी कमी

मुख्यमंत्री ने कहा कि अज्ञानता व अशिक्षा के कारण एनीमिया का प्रकोप राज्य में बढ़ा है. झारखंड की बच्चियां और महिलाएं इससे ग्रसित हैं. एनीमिया को दूर भगाने के उद्देश्य से राज्य के छह जिलों में पोषण सखी को नियुक्त किया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि चार साल के दौरान शिशु और मातृ मृत्यु दर में कमी आयी है. झारखंड का भविष्य स्वस्थ हो, इसके लिए 2019-20 के बजट में शिशु किट देने का प्रावधान किया गया है. इस किट में कपड़े और बच्चे से संबंधित आवश्यक वस्तुएं अप्रैल 2019 से दिये जायेंगे. बच्चों को स्वस्थ रखने की सलाह सहिया बहनें देंगी. इस मौके पर स्थानीय सांसद रामटहल चौधरी ने कहा कि अब लोगों को परेशानी से मुक्ति मिल पायेगी. विधायक डॉ जीतूचरण राम ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य राज्य के लोगों को स्वस्थ रखना है, क्योंकि लोग स्वस्थ होंगे, तो राज्य स्वस्थ होगा. इससे पहले मुख्यमंत्री ने प्रथामिक स्वास्थ्य केंद्र पिठोरिया का निरीक्षण किया. मौके पर साहेबगंज के कितलपोखर पीएचसी की चंदा कुमारी ने मुख्यमंत्री को टेलीमेडिसिन डिस्पेंसरी से दी जा रही सुविधाओं की जानकारी दी. कार्यक्रम में स्वास्थ्य सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी, एनएचएम के अभियान निदेशक कृपानंद झा, उपायुक्त राय महिमापत रे समेत अन्य मौजूद थे.

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