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सीएम हेमंत ने सर्वजन पेंशन योजना का किया शुभारंभ, कहा- हर महीने पांच तारिख तक दे पेंशन, नहीं तो अधिकारी होंगे दंडित

Ranchi: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखण्ड में आदिवासी से कम संख्या वालों का अलग धर्म कोड है ऐसे में आदिवासियों को भी अलग धर्म कोड मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि आदिवासी संघर्ष करने वाला व्यक्ति, अधिकार लेना जानता है. सीएम ने ये बातें बुधवार को गुमला में आयोजित पेंशन वितरण सह जागरूकता कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि ये बातें कहीं. सीएम ने इस अवसर पर राज्य में 50 हजार से अधिक रिक्त पदों पर नियुक्ति करने की घोषणा की. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि झारखंड में 2020 से पूर्व तक पेंशन और राशन देने की बात राज्य के वंचित लोग कहते थे. वर्तमान सरकार के गठन के बाद केंद्र सरकार से आग्रह किया कि राज्य के वृद्ध, नि:शक्त, निराश्रित महिला का पेंशन यूनिवर्सल कर दें. लेकिन केंद्र सरकार लंबे इंतजार के बाद भी कोई जवाब नहीं आया. इसके बाद राज्य सरकार ने निर्णय लिया और सभी को पेंशन देने का कानून बनाया गया.

देश का यह पहला राज्य है, जिसने ऐसा किया. जो 60 वर्ष से अधिक उम्र का होगा उसे पेंशन प्राप्त होगा. जो पदाधिकारी सहयोग नहीं करेंगे. उनकी नौकरी जायेगी. उन्होंने कहा कि सरकार ने विधवा पेंशन के तय 40 वर्ष की आयु एवं दिव्यांग के लिए निर्धारित 18 वर्ष की आयु सीमा को समाप्त कर दिया.

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ताकि सभी को पेंशन का लाभ मिल सके. सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया कि हर माह की पांच तारीख तक पेंशन मिल जाना चाहिए. ऐसा नहीं होने पर जिम्मेवार दंडित होंगे. झारखंड में सभी जरूरतमंद को पेंशन मिलेगा. कोई इससे अछूता नहीं रहेगा.

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7.79 लाख से अधिक लाभुकों को पेंशन योजना का लाभ

सीएम ने कहा कि राज्य गठन के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है, जब झारखण्ड के सभी योग्य लाभुकों को सर्वजन पेंशन योजना का लाभ दिया जा रहा है. पूर्व में सीमित संख्या में लाभूकों को पेंशन देने की बाध्यता को राज्य सरकार द्वारा समाप्त करने के कारण सभी छुटे हुए वृद्ध, विधवा, निराश्रित महिला, दिव्यांग्जन, आदिम जनजाति एवं एचआइवी एड्स पीड़ित को योजना से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है. इस परिपेक्ष्य में वर्तमान सरकार द्वारा 7,79,142 से अधिक लाभुकों को योजना का लाभ मिला है.

इन्हें हर माह एक हजार सम्मान राशि के रूप के दी जा रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पलाश ब्रांड को राष्ट्रीय और अंतर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान देने की पहल की जा रही है.

हड़िया दारू का व्यवसाय करने वाली महिलाओं से आग्रह है आप सरकार के पास आएं. सरकार आपको सम्मान जनक कार्य करने में सहयोग करेगी. 25 हजार से अधिक हड़िया दारू बेचने वाली महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका से जोड़ा गया है.

मुख्यमंत्री ने इस मौके सर्वजन पेंशन गुमला की चंदू तिर्की, मीरा देवी को वृद्धावस्था पेंशन, यमुना कुमारी को स्वामी विवेकानंद नि:शक्त पेंशन योजना के तहत एवं सकुंटी बिरहोर को मुख्यमंत्री आदिम जनजाति पेंशन योजना के तहत एक हजार रुपए की पेंशन राशि प्रदान की.

इस अवसर पर सिसई विधायक जिग्गा सुसारन होरो, गुमला विधायक •भूषण तिर्की, प्रधान सचिव अविनाश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, उपायुक्त गुमला सुशांत गौरव एवं अन्य उपस्थित थे.

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रसोईया,सहिया समेत सभी की समस्याओं का होगा समाधान

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कार्यरत रसोईया, सहिया समेत सभी की समस्याओं का समाधान होगा. सभी के लिए चिंता है. अड़चनों को दूर किया जा रहा है. झारखण्ड पीछे नहीं रहेगा. यहां का सब कुछ जनमानस के लिए है. 50 हजार से अधिक पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया सरकार जल्द शुरू कराएगी.

अधिक से अधिक युवा प्रतियोगिता परीक्षा में भाग लें. सरकार ने आवेदन की निर्धारित राशि को कम कर 50 रुपये कर दिया है, जिससे आर्थिक रूप में पिछड़े युवा भी प्रतियोगिता परीक्षा में भाग लें सकें.

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घर बैठे लोगों योजनाओं से आच्छादित किया गया: रामेश्वर उरांव

खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि राशन कार्ड से वंचित और सुपात्र लोगों को हरा राशन कार्ड राज्य के कोष से आवंटन किया. गुमला में करीब 24 हजार से अधिक लोगों को हरा राशन कार्ड से जोड़ा गया है. पूरे राज्य में 15 लाख लोगों को हरा राशन कार्ड दिया गया. आने वाले दिनों में पांच लाख अन्य लोगों को हरा राशन कार्ड दिया जायेगा. जरूरतमंद लोगों को धोती साड़ी भी सरकार दे रही है.

सरकार गरीब, जरुरतमंदों को ध्यान में रखकर कार्य कर रही है. राज्य सरकार ने साहसिक कदम उठाते हुए सरना धर्म कोड को विधानसभा में पारित किया. यह आदिवासी हित के लिए किया गया.

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वंचित बच्चों को स्कॉलरशिप देने की पहल हुई: जोबा मांझी

मंत्री जोबा मांझी ने कहा कि हमारे राज्य का बागडोर युवा मुख्यमंत्री संभाल रहे हैं. कोरोना काल को हमने झेला है. बावजूद इसके योजनाओं को धरातल पर उतारा गया. आपके अधिकार आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के जरिए योजनाओ लोगों को जोड़ा गया.

सर्वजन पेंशन योजना के तहत सभी जरूरतमंदों को लाभ देने का कार्य शुरू हुआ. हर माह की पांच तारीख तक पेंशन देने का निर्देश मिला है. जिस पर कार्य हो रहा है. सरकार ने वंचित बच्चों को स्कालरशिप देने की पहल हुई.

इन्हें मिल रहा पेंशन का लाभ

गुमला में राज्य प्रायोजित मुख्यमंत्री राज्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 41630, मुख्यमंत्री आदिम जनजाति पेंशन योजना के 3572, मुख्यमंत्री राज्य निराश्रित महिला सम्मान पेंशन योजना के 11243, मुख्यमंत्री राज्य सुरक्षा पेंशन योजना के 79 एवं स्वामी विवेकानन्द नि:शक्त स्वालंबन पेंशन योजना के 4597 लाभुकों को पेंशन का लाभ दिया जा रहा है.

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