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CM हेमंत ने लेटर लिख मांगी थी राशनकार्डधारी के लिए 2.5 लीटर केरोसिन प्रतिमाह, केंद्र ने घटाकर किया 1 लीटर

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Ranchi :  राशन कार्डधारियों को केरोसिन तेल आवंटन के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बीते 15 अप्रैल को केंद्रीय इस्पात, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धमेंद्र प्रधान को एक पत्र लिखा था. पत्र में उन्होंने आदिवासी बहुल राज्य होने और कोरोना संक्रमण को देख राज्य का पीडीसी केरोसिन तेल कोटा बढ़ाने की मांग की थी. उन्होंने राज्य के प्रत्येक राशनकार्डधारी को कम से कम 2.5 लीटर प्रतिमाह केरोसिन तेल देने की मांग की थी.

पत्र में हेमंत सोरेन ने यह भी बताया था कि कैसे केंद्र ने पिछले वित्तीय वर्षों में राज्य में केरोसिन तेल आवंटन की मात्रा को घटाया है. उनकी मांगों को केंद्र ने न केवल नजरअंदाज किया, बल्कि प्रति राशनकार्डधारी को प्रतिमाह (ग्रामीण और शहरी इलाकों में) केरोसिन तेल आवंटन की मात्रा घटाकर 1 लीटर कर दी.

CM हेमंत ने लेटर लिख मांगी थी राशनकार्डधारी के लिए 2.5 लीटर केरोसिन प्रतिमाह, केंद्र ने घटाकर किया 1 लीटर
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के द्वारा केरोसिन तेल बढ़ाने को लेकर अप्रैल माह में लिखा गया पत्र

आवंटन में कटौती को देख बीते 14 जुलाई को खाद्य, सार्वजनिक वितरण, उपभोक्ता मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने भी पत्र लिख इसे बढ़ाने की मांग केंद्र से की है. जेएमएम केंद्रीय समिति के सदस्य राकेश पासवान ने भी सीएम से मिलकर प्रति राशनकार्डधारी को 2.5 केरोसिन तेल देने की मांग की है.

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विगत वर्षों में तेल आवंटन में की गयी है कटौती

केंद्रीय मंत्री को लिखे पत्र में सीएम ने कहा था कि विगत वर्षों में राज्य को आवंटित केरोसिन तेल के आवंटन में भारी कमी हुई है. इससे राज्य के गरीब कार्डधारियों को पर्याप्त केरोसिन तेल नहीं मिल पा रहा है. पत्र में सीएम ने केरोसिन तेल आवंटन में आंकड़ों का भी जिक्र किया है.

 

वित्तीय वर्ष आवंटित तेल(KL) कुल राशनकार्डधारी आवंटन(शहरी/ग्रामीण)
2015-16 262572 5170159 2 / 4
2016-17 219696 5840805 2 / 2.5
2017-18 186768 6204937 2 / 2.5
2018-19 186768 6199770 2 / 2.5
2019-20 135216 6206070 1.5 / 1.5

 

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सीएम ने यह पत्र अप्रैल महीने में लिखा था. वहीं जुलाई माह में मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने जो पत्र लिखा है, उसमें वित्तीय वर्ष 2020-21 (दूसरी तिमाही) का भी जिक्र किया है. इसके मुताबिक, 2020-21 (दूसरी तिमाही) में आवंटित केरोसिन तेल की मात्रा 20164 किलोलीटर थी. वहीं कुल शहरी और ग्रामीण राशन कार्डधारी की संख्या 6174580 है, जिन्हें क्रमशः 1-1 लीटर केरोसिन तेल मिल रहा है.

PMUY के तहत मिले सिलिंडर को भराने में हो रही परेशानी

सीएम और खाद्य आपूर्ति मंत्री का कहना है कि झारखंड एक गरीब एवं पिछड़ा राज्य है. यहां कई आदिवासी बाहुल्य इलाके हैं, जो जंगल से घिरे हैं. ऐसे स्थलों पर बिजली की आपूर्ति काफी बाधित रहती है. पीएम उज्जवल योजना (PMUY) के तहत कई गरीब परिवारों को एलपीजी कनेक्शन मिला है. लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने और गैस गोदाम दूर रहने की वजह से सिलिंडर रिफिलिंग कराने के लिए आर्थिक स्थिति से जुझ रहे हैं.

CM हेमंत ने लेटर लिख मांगी थी राशनकार्डधारी के लिए 2.5 लीटर केरोसिन प्रतिमाह, केंद्र ने घटाकर किया 1 लीटर
मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव की ओर से जुलाई माह में केरोसिन तेल की मात्रा बढ़ाने को लिखा गया लेटर

ऐसे में अभी राज्य अधिकांश गरीब परिवारों को ईंधन के लिए परम्परागत स्त्रोतों पर ही निर्भर रहना पड़ता है. इसे देख जरूरी है कि ऐसे गरीब परिवारों को खाना पकाने एवं रोशनी के लिए केरोसिन तेल की उपलब्धता सुनिश्चित रहें.

गुजरात, यूपी, बिहार, ओडिशा जैसे राज्यों में मिल रहा 2.5 लीटर केरोसिन

जेएमएम नेता राकेश पासवान का कहना है कि इस कोरोना काल में भी गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा जैसे राज्यों में अभी भी राशनकार्ड धारियों को प्रतिमाह 2.5 लीटर केरोसिन तेल मिल रहा है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और मंत्री डॉ उरांव की मांगों पर भी केंद्र ने कोई विशेष ध्यान नहीं दिया है, जिससे राज्य के ग्रामीण इलाकों के लोगों को काफी परेशानी हो रही है. जरूरी है कि केरोसिन तेल आवंटन की मात्र बढ़ाया जाये.

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