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200 करोड़ की पालोजोरी ग्रामीण जलापूर्ति योजना का सीएम को करना था शिलान्यास, रणधीर सिंह ने काट दिया फीता, मिथिलेश ठाकुर नाराज

Ranchi : सारठ विधायक रणधीर कुमार सिंह ने 18 अगस्त को पालोजोरी बहु ग्रामीण जलापूर्ति योजना का शिलान्यास कर दिया. इसके लिए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की औपचारिक सहमति नहीं ली गयी थी. 200 करोड़ की इस योजना का शिलान्यास सीएम हेमंत सोरेने के हाथों कराने की विभाग की तैयारी थी. पर इससे पहले कि विभाग इस पर कुछ कर पाता, विधायक रणधीर सिंह ने फीता काट कर शिलान्यास कर दिया.

रणधीर सिंह के इस कृत्य पर विभागीय मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने नाराजगी जतायी है. शनिवार को उन्होंने इस संबंध में रणधीर कुमार सिंह को चिट्ठी भी लिखी. कहा कि रणधीर सिंह का यह कृत्य संवैधानिक पद के प्राधिकार एवं स्थापित प्रक्रिया के खिलाफ है.

पूर्व से ही मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (समन्वय), झारखण्ड, रांची द्वारा विकास योजनाओं के शिलान्यास एवं उद्घाटन से संबंधित दिशा-निर्देश निर्गत है. इसका पालन सभी के लिए करना अनिवार्य है.

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शिलान्यास के लिए तय हैं नियम

मिथिलेश ठाकुर ने कहा है कि विकास योजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन के संबंध में कुछ बिंदुओं, नियमों का पालन जरूरी है.

संबंधित विभाग के द्वारा जनप्रतिनिधियों जैसे सीएम, 20सूत्री के प्रभारी मंत्री, विभागीय मंत्री, स्थानीय मंत्री, स्थानीय सांसद, स्थानीय विधायक इत्यादि को औपचारिक तौर पर साथ में लेते हुए किया जाता है.

पर रणधीर सिंह ने आनन-फानन में ही पालोजोरी बहु ग्रामीण जलापूर्ति योजना का शिलान्यास कर दिया. इसकी जानकारी न तो स्थानीय विभागीय पदाधिकारियों को दी और न ही सरकार के स्तर पर. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के पदाधिकारियों की अनुस्थिति में यह शिलान्यास कार्यक्रम नियमानुकूल नहीं है.

भविष्य में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से संबंधित योजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन विभाग की सहमति अथवा विभाग के संज्ञान में लाये बिना नहीं किया जाये. पूर्व से स्थापित परंपरा का निर्वहन होता रहे.

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200 करोड़ की है योजना

पालोजोरी बहु ग्रामीण जलापूर्ति योजना 200 करोड़ से अधिक राशि की एक वृहद् एवं उक्त क्षेत्र की महत्वपूर्ण पेयजलापूर्ति योजना है. मिथिलेश ठाकुर के मुताबिक हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार राज्य की जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कृत संकल्पित है.

इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए विभागीय पदाधिकारी इस दिशा में सतत कार्यरत हैं ताकि वर्ष-2024 तक राज्य के 58.95 लाख घरों को समुचित मात्रा में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके.

जब सरकार स्वयं तत्पर है तो ऐसी परिस्थितियों में रणधीर कुमार सिंह द्वारा बिना विभाग की पहल के उक्त जलापूर्ति योजना का शिलान्यास कर दिया जाना स्वस्थ परंपरा के बिल्कुल विपरीत है.

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