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10 हजार सिपाही और सालाना 2500 सहायक पुलिस के भर्ती की सीएम ने की थी घोषणा, नहीं हुई पूरी 

Ranchi: मुख्यमंत्री रघुवर दास के द्वारा झारखंड में 10000 सिपाही और प्रत्येक साल 2500 सहायक पुलिस की भर्ती करने की घोषणा अबतक पूरी नहीं हो पायी.

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तीन साल पहले 14 नवंबर 2016 को सीएम रघुवर दास के द्वारा यह घोषणाएं की गई थी.  हालांकि वर्ष 2017 में 2500 सहायक पुलिस की भर्ती हुई.

लेकिन इसके बाद ना वर्ष 2018 में और ना ही 2019 में अबतक सहायक पुलिस की भर्ती हुई है. अगर बात करें 10000 पुलिसकर्मियों की भर्ती की तो घोषणा के बाद से अबतक ये भर्ती नहीं हो पायी है.

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तीन साल पहले सीएम ने की थी घोषणा 

14 नवंबर 2016 को झारखंड स्थापना दिवस परेड व झारखंड पुलिस अलंकरण समारोह में सीएम रघुवर दास ने शिरकत की थी. इस दौरान उन्होंने कहा था कि उग्रवादमुक्त और अपराधमुक्त राज्य बनाना हमारा लक्ष्य है. अपराध नियंत्रण में सुधार तो हुआ है, लेकिन इसे जड़ से समाप्त करना है.

राज्य में पुलिसकर्मियों की कमी को देखते हुए तेजी से बहाली की जा रही है. उन्होंने कहा कि अगले साल 10,000 पुलिसकर्मियों और हर साल 2500 सहायक पुलिस की भर्ती की जाएगी.

बता दें वर्ष 2017 में 2500 सहायक पुलिस के पदों पर युवक-युवतियों की नियुक्त हुई है. अगले तीन वर्षों में बेहतर काम करनेवाले सहायक पुलिस को पुलिस में स्थायी रूप से बहाल किया जायेगा.

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पुलिस कर्मियों की कमी से जूझ रहा है झारखंड 

झारखंड राज्य के गठन हुए 18 साल पूरे हो गए हैं. इसके बावजूद झारखंड पुलिस बल कमी से जूझ रहा है. जानकारी के मुताबिक, जिस वक्त बिहार से अलग होकर झारखंड एक नया राज्य बना था, उस वक्त झारखंड पुलिस बल की संख्या 28 हजार के करीब थी.

जबकि झारखंड के पुलिस बल के लिए स्वीकृत पदों की संख्या 79,950 है. कुल स्वीकृत संख्या में रिक्तियां 18,931 हैं. पुलिस बल की कमी की वजह से जहां पुलिस कर्मियों को 10 से 12 घंटे की ड्यूटी करनी होती है.

वहीं पुलिस कर्मियों की कमी दूर करने के लिए सरकार की ओर से कोई ठोस कदम अब तक नहीं उठाया गया है. आंकड़ों के मुताबिक, झारखंड में 956 लोगों की सुरक्षा में एक पुलिस कर्मी है. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि झारखंड में पुलिस कर्मियों की कितनी कमी है.

पुलिस बल की कमी से 8 घंटे की ड्यूटी लेने का आदेश नहीं हुआ पूरा 

झारखंड पुलिस मुख्यालय ने मुशहरी कमेटी की अनुशंसा पर, 5 फरवरी 2019 को पुलिस मुख्यालय के द्वारा पुलिसकर्मियों से 8 घंटे काम और सप्ताह में एक दिन की छुट्टी देने का आदेश जारी किया था.

आदेश के जारी हुए महीनों बीत जाने के बाद भी पुलिसकर्मियों से 8 घंटे से ज्यादा काम लिया जा रहा है. फिलवक्त पीसीआर वैन और थाने में तैनात पुलिस कर्मियों को 12 से 14 घंटे की ड्यूटी करनी पड़ रही है. वहीं ट्रैफिक पोस्ट पर तैनात पुलिसकर्मियों को भी सुबह के 8:30 से लेकर रात के 9:30 तक ड्यूटी करनी पड़ रही है.

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