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एस्सेल इन्फ्रा से सफाई कार्य लिया जा सकता है वापस, आर-पार की होगी प्रस्तावित बैठक :  डिप्टी मेयर

  • कंपनी को हटाने पर सोमवार की बैठक में लिया जायेगा बड़ा फैसला
  • वैकल्पिक व्यवस्था होने तक अपने संसाधन से सफाई कार्य करने का हुआ दावा

Ranchi : राजधानी के सभी वार्डों में बिगड़ती सफाई व्यवस्था को देख रांची नगर निगम ने एस्सेल इन्फ्रा को शो-कॉज नोटिस भेजा है. नोटिस के माध्यम से पूछा गया है कि सफाई कार्यों की लचर व्यवस्था को देखते हुए क्यों नहीं सफाई कार्य से कंपनी को बाहर कर दिया जाये. वहीं, कंपनी को कार्यमुक्त करने में कोई ठोस निर्णय लेने के लिए सोमवार को निगम परिसर में बैठक भी बुलायी गयी है. डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय ने कहा कि यह बैठक आर-पार की होगी. इसमें कंपनी को हटाने पर कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है. बैठक में निगम के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों सहित कंपनी के आला अधिकारी उपस्थित रहेंगे.

कंपनी को हटाने की पार्षदों ने की थी मांग

मालूम हो कि सोमवार को 11 पार्षदों के एक समूह ने नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंप कंपनी की कार्यशैली पर नाराजगी जतायी थी. पार्षदों का कहना था कि अगर कंपनी वार्डों में सफाई कार्य नहीं कर पा रही है, तो उसे तत्काल हटाने की दिशा में कार्रवाई की जाये. न्यूज विंग से बातचीत में वार्ड 26 के पार्षद अरुण झा ने कहा था कि मुलाकात के दौरान नगर आयुक्त ने कंपनी को जल्द ही एक शो-कॉज नोटिस भेजे जाने की बात कही थी. सूत्रों के मुताबिक सोमवार को ही कंपनी को पत्र भेज पूरी जानकारी मांगी गयी है.

बैठक में लिया जा सकता है बड़ा निर्णय

विभिन्न वार्डों में कंपनी द्वारा सफाई कार्य नहीं करने के सवाल पर डिप्टी मेयर ने बताया कि कंपनी को हटाने को लेकर क्या करना है, उसके निर्णय के लिए सोमवार को उच्चस्तरीय बैठक प्रस्तावित है. बैठक आर-पार की होगी, ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें कंपनी से शहर का सफाई कार्य वापस भी लिया जा सकता है. उन्होंने कहा कि कंपनी के जाने पर जब  तक शहर के सफाई कार्य की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो जाती, तब  तक निगम अपने संसाधन से रांची शहर में सफाई कार्य को जारी रखेगा.

कंपनी के रवैये का प्रभाव जनता पर क्यों पड़े

डिप्टी मेयर ने कहा कि कंपनी की जैसी स्थिति बनती जा रही है, उससे शहर में सफाई कार्य काफी प्रभावित हुआ है. कहा कि कंपनी के रवैये और उसके पास तेल भराने के लिए पैसे की कमी का प्रभाव शहर की जनता पर क्यों पड़े. आखिर ऐसा कितने दिन चलेगा. निगम के पास कंपनी को हटाने के अधिकार के सवाल पर डिप्टी मेयर का कहना है कि आपसी रजामंदी से ही कंपनी को हटाने की पहल पर विचार-विमर्श होगा.

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