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स्वच्छता ही सेवा अभियान को मुंह चिढ़ा रहा है मंत्री सीपी सिंह और अमर बाउरी के आवास के बाहर पड़ा कचरे का ढेर

Satya Prakash Prasad

Ranchi : कोई सीनियर आईएएस हो या राज्य सेवा का बड़ा अधिकारी हो. किसी को भी मोदी सरकार में झाड़ू पकड़ने में जरा भी शर्म नहीं आ रही है. खासकर नेताओं में तो झाड़ू लगाने की जैसे होड़ मची हो. झाड़ू के बहाने बड़े-बड़े आयोजन सरकार की तरफ से किए जा रहे हैं. अभी हाल में रांची के डिबडी के नया टोला के पास झारखंड के सीएम रघुवर दास, नगर विकास मंत्री सीपी सिंह और स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने झाड़ू लगाकर सफाई अभियान चलाया था. लेकिन अफसोस की नगर विकास मंत्री सीपी सिंह और भू-राजस्व और पर्यटन मंत्री अमर बाउरी अपने ही सरकारी आवास के पास सफाई कराना भूल गए. या फिर वहां कोई मीडिया वाला कैमरा लेकर नहीं पहुंचा होगा इस वजह से भी गंदगी वहां पड़ी हो. वजह चाहे जो हो दोनों मंत्रियों के आवास के बीच ढेर सारा कचरा पड़ा हुआ है. इसे लेकर जरा भी गंभीरता नहीं दिख रही है.

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10 दिनों से है ऐसा हाल

दरअसल, नगर विकास मंत्री सीपी सिंह के आवास के पास ही लगभग 10 दिनों से कचरा का अंबार लगा हुआ है. लेकिन नगर निगम के कर्मचारियों की नजर या फिर हो सकता है कि मंत्री की नजर इस कचरे पर नहीं पड़ी हो. पूरा कचरा दो मंत्रियों के आवास के बीच पसरा हुआ है. वहीं इस कचरे के बगल में ही भू-राजस्व मंत्री अमर बावरी का भी आवास है. यही नहीं कचरे के बगल में गंदे पानी का भी जमावड़ा बहुत दिन से लगा हुआ है, जो राजधानी में चिकनगुनिया डेंगू जैसी बीमारियों को दावत दे रही है. वहीं इस बारे में जब मंत्री सीपी सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कचरा प्रतिदिन नगर निगम के द्वारा उठाया जाता है लेकिन लोग फिर वहां कचड़ा फेंक देते हैं.

स्वच्छता ही सेवा अभियान को मुंह चिढ़ा रहा है मंत्री सीपी सिंह और अमर बाउरी के आवास के बाहर पड़ा कचरे का ढेर

नगर विकास मंत्री हैं सीपी सिंह

झारखंड सरकार के नगर विकास मंत्री हैं सीपी सिंह. जो कि पूरे राज्य में नगर व्यवस्था एवं नगर स्वच्छता के लिए उत्तरदाई हैं. लेकिन मंत्री जी के आवास के बगल में ही कचरा का अंबार लगना कहीं ना कहीं इस ओर संकेत देता है कि मंत्री एक दिन झाड़ू लेकर फोटो तो जनता के सामने खींचा लेते हैं लेकिन वह अपने आवास के अगल-बगल के कचरे पर ध्यान नहीं देते हैं. उन्हें इस ओर भी ध्यान देना चाहिए ताकि स्वच्छ भारत अभियान को जमीनी स्तर पर उतारा जा सके.

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