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Giridih: विवादित जमीन पर मंदिर निर्माण को लेकर पुलिस-पब्लिक में झड़प, तीन पुलिसकर्मी समेत 7 घायल

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Giridih: गिरिडीह के जमुआ थाना के नवडीहा ओपी क्षेत्र के गम्हारडीह में विवादित जमीन पर मंदिर निर्माण को लेकर शुक्रवार दोपहर करीब चार बजे पुलिस-पब्लिक के बीच जबरदस्त झड़प हो गयी.

इसमें तीन ग्रामीण महिलाएं, तीन पुलिसकर्मी व एक निजी चालक घायल हो गये हैं. मामला इतना बिगड़ गया कि प्रशासन को बेंगाबाद, जमुआ, राजधनवार थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाने पड़े. घायलों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जमुआ में किया जा रहा है.

वन विभाग के अधिकारियों ने विवादित जमीन को वन भूमि मानने से मौखिक रूप से इनकार किया है.

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क्या है पूरी घटना

विवादित जमीन पर मंदिर निर्माण को लेकर पुलिस-पब्लिक में झड़प, तीन पुलिसकर्मी समेत 7 घायलनवडीहा ओपी पुलिस को शुक्रवार सुबह सूचना मिली कि गम्हारडीह में वन विभाग की जिस जमीन पर धारा 144 गुरुवार दोपहर को लागू की गयी थी, उस पर शिव-पार्वती का मंदिर निर्माण कार्य जारी है.

इसकी सूचना उच्च पदाधिकारियों को देने के बाद जमुआ सीओ रामबालक कुमार, इंस्पेक्टर विनय कुमार राम, जमुआ थाना प्रभारी संतोष कुमार व नवडीहा ओपी प्रभारी प्रभात कुमार सिंह दर्जनाधिक पुलिस बल के साथ विवादित जमीन पर पहुंचे.

वहां पहुंचकर प्रशासन ने जेसीबी मशीन से निर्माणाधीन मंदिर को ध्वस्त कराना शुरू किया. इसी बीच ग्रामीणों ने विरोध किया. देखते ही देखते पुलिस पर पथराव शुरू हो गया. ग्रामीणों द्वारा किये गये पथराव में एक पीसीआर वैन, दो टाटा सूमो और एक 407 वाहन का शीशा टूट गया. ग्रामीणों के इस आक्रोश के बाद अधिकारी वहां से भाग खड़े हुए.

कथित तौर पर गम्हारडीह में वन भूमि पर कब्जा के लिए ग्रामीणों व मुखिया में पिछले कई दिनों से विवाद चल रहा है.

मुखिया के घर पर हमला

विवादित जमीन पर मंदिर निर्माण को लेकर पुलिस-पब्लिक में झड़प, तीन पुलिसकर्मी समेत 7 घायलअतिक्रमण मुक्त करने के बाद पुलिस के घटना स्थल से हटते ही उग्र ग्रामीणों ने मुखिया के घर पर हमला कर दिया. उसके एक कमरे की एस्बेस्टस की छत को उखाड़ दिया. इतना ही नहीं, उनकी तीन मोटरसाइकिलों को तोड़ दिया. मुखिया के निजी ऑफिस का ताला तोड़ डाला.

पुलिस-पब्लिक झड़प में प्रशासन की ओर से आइआरबी जवान जितेंद्र कुमार राय व प्रमोद कुमार, सरकारी वाहन चालक महेंद्र प्रसाद यादव व निजी चालक बिक्कू कुमार रजक घायल हैं. वहीं ग्रामीण की ओर से पिंकी देवी, इंदू देवी व सुनीता देवी सहित मामूली रूप से कई ग्रामीण महिला-पुरुष घायल हुए हैं.

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क्या कहते हैं मुखिया

मुखिया शंकर प्रसाद शर्मा ने कहा कि मंदिर निर्माण रोकने में उसका कोई हाथ नहीं है. प्रशासन अपना काम कर रहा है. उसे बदनाम करने की साज़िश रची गयी है. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने उनके परिवार को चारों ओर से घेर कर मारने की कोशिश की. प्रशासन ने मौके पर पहुचकर उनलोगों की जान बचायी और उसे कुरहोबिंदो में बने नये घर में शिफ्ट किया.

क्या कहते है एसडीपीओ

खोरीमहुआ एसडीपीओ नवीन कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस पर हमला करने वालों पर एफआइआर दर्ज कर कार्रवाई की जायेगी.

क्या कहते हैं एसडीएम

खोरीमहूआ एसडीएम धीरेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि मुखिया को दूसरे जगह विस्थापित कर दिया गया है. ग्रामीणों को धैर्य रखना चाहिए. सरकारी जमीन पर नये निर्माण नहीं करने दिया जायेगा. यदि पहले से उक्त जमीन अतिक्रमित है तो उसे एक महीने में अतिक्रमण से मुक्त किया जायेगा.

इसके बावजूद यदि ग्रामीणों ने बात नहीं मानी तो 156 के तहत कार्रवाई की जायेगी. घटनास्थल पर नियमित पुलिस गश्ती जारी रहेगी.

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