न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

धनबाद में संघ प्रमुख मोहन भागवत के संबोधन के बाद मारपीट पर उठ रहे सवाल 

भाजपा विधायक के भाई की जीप का कार्यक्रम में इस्तेमाल भी बना विवाद का कारण

1,489

Dhanbad:  मेगा स्पोर्ट्स कांपलेक्स में क्रीड़ा भारती का तीन दिवसीय अधिवेशन रविवार को समाप्त हो गया है. लेकिन संघ प्रमुख मोहन भागवत और झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास के संबोधन के बाद रास्ट्रीय स्वयं संघ के नेताओं के बीच हुई मारपीट की घटना यहां चर्चा में है. सोशल मीडिया पर इस मारपीट का वीडियो खूब वायरल हो रहा है. इस वीडियो में संत जेवियर स्कूल के स्पोर्ट्स टीचर सत्येन्द्र सिंह अधिवेशन में हिस्सा लेने आये एक प्रतिभागी के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं. इसी के साथ ये सवाल भी उठने लगे हैं कि संघ प्रमुख मोहन भागवत के अनुशासन और संयम के पाठ असर आरएसएस के नेताओं पर 24 घंटे भी नहीं रहा. भागवत अपने नेताओं को कैसा पाठ पढ़ाकर गये?

क्या कहते हैं जिम्मेवार

मारपीट को लेकर क्रीड़ा भारती के केंद्रीय पदाधिकारी संजय तिवारी से न्यूज विंग ने बातचीत की. उन्होंने कहा कि धनबाद में खेल का माहौल विकसित करने के लिए यह आयोजन किया. स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में काफी गंदगी थी. इसकी सफाई में संत जेवियर स्कूल के स्पोर्ट्स टीचर सत्येन्द्र सिंह शुरू से लगे थे. यही सत्येंद्र कुमार भागवत के भ्रमण के लिए जीप के चालक बने. इसी सत्येन्द्र का कार्यक्रम खत्म होने के करीब 45 मिनट बाद एक अधिवेशन में भाग लेने आये एक व्यक्ति से झगड़ा हो गया. इस व्यक्ति को आरएसएस का नेता या कार्यकर्ता बताया जा रहा है. जो कार्यक्रम में हिस्सा लेने आया था. झगड़े का कारण इस व्यक्ति द्वारा मैदान में गुटखे का पुड़िया फेंकना बताया जा रहा है.

सिद्धार्थ गौतम की जीप लेने पर भी उठे सवाल

गौरतलब है कि कार्यक्रम में सिद्धार्थ गौतम की जीप के इस्तेमाल पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. इस बारे में संजय तिवारी ने कहा कि मोहन भागवत और रघुवर दास के लिए भाजपा के झरिया से विधायक संजीव सिंह के छोटे भाई सिद्धार्थ गौतम की जीप लेना कहीं से गलत नहीं हैं. आखिर सिद्धार्थ गौतम एक खिलाड़ी हैं. कराटे में ब्लैक बेल्ट हासिल किया है. धनबाद ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष हैं. एक खिलाड़ी के रूप में क्रीड़ा भारती के कार्यक्रम में हर प्रकार से सहयोग करने का वादा किया. ऐसी स्थिति में कार्यक्रम के लिए उनसे खुली जीप मांग लेना गलत नहीं है.

इसे भी पढ़ेंः एनपीए में कमी आने के साथ ही बैंकों की हालत सुधार के रास्ते पर: आरबीआई

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: