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सिविल सर्जन ने निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम से ब्लड डोनेशन कैंप में कलेक्ट किये गये ब्लड की जानकारी मांगी

एनएचएम के अनुसार निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम को इन हाउस पेसेंट के खुद करनी है ब्लड की व्यवस्था

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Ranchi : सिविल सर्जन रांची ने बुधवार को निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम के लिए पत्र जारी किया. इन स्वास्थ्य केंद्रों से यह जानकारी मांगी गयी है कि 1 जनवरी 2019 से लेकर अब तक कितने ब्लड डोनेशन कैंप लगाये गये. साथ ही कितने ब्लड कलेक्ट किये गये. ब्लड कलेक्ट प्रत्येक निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम को अपने इन डोर मरीजों के लिए करना था. इसके पूर्व आठ बार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से यह निर्देश जारी किया गया है. यह पत्र निजी और नर्सिग होम के सुपरीटेंडेट और इंचार्ज के नाम लिखे गये है.

अनुमान लगाया जा रहा है कि अस्पतालों ने सरकारी आदेश के बाद भी ब्लड डोनेशन कैंप नहीं लगाया और न ही ब्लड कलेक्ट किया. ऐसे में अस्पतालों की ओर से जारी यह पत्र जानकारी जुटाने में मदद करेगा कि किस अस्पताल या नर्सिग होम ने कितने कैंप लगाये और ब्लड कलेक्ट किये. अस्पतालों को यह आवेदन सात दिनों के भीतर सिविल सर्जन कार्यालय में उपलब्ध कराना है.

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पत्र में पूछा गया है कि बिना डोनर कितने यूनिट ब्लड दिये

इस पत्र में यह भी पूछा गया है कि बिना ब्लड डोनर के निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम ने कितने मरीजों को इन हाउस इलाज के लिए ब्लड दिया. एनएचएम के नियमों को मानें तो निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम को यह निर्देश दिया गया है कि अस्पतालों में भर्ती मरीजों को अपने स्तर से रक्त उपलब्ध कराना है. इसके लिए किसी अन्य डोनर की जरूरत नहीं होनी चाहिये. इस डेटा से निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम के हालिया कार्यों की जानकारी होगी. यह विवरण जनवरी से लेकर अगस्त तक की मांगी गयी है.

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अप्रैल 2018 से प्रयासरत है एनएचएम

इस मामले में एनएचएम की ओर से अप्रैल 2018 से ही दिशा निर्देश जारी किया जा रहा है. कई बार प्राइवेट अस्पतालों साथ लगातार बैठकें भी हुईं. प्राइवेट अस्पतालों को सातवीं बार गाइडलाइन फॉलो करने का निर्देश जारी किया गया है. ताकि खून की समस्या दूर हो सके.एनएचएम के इन प्रयासों के बाद भी जिला के निजी अस्पतालों में परिजनों को ब्लड के लिए परेशान ही देखा गया. एनएचएम द्वारा जारी निर्देश के हिसाब से अस्पतालों को अपने इन हाउस पेशेंट के लिए खून की व्यवस्था खुद करनी है. इसके लिए ब्लड डोनेशन कैंप लगवाने की व्यवस्था करनी है.

ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित करने के लाभ

निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम के खुद ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित करने और मरीजों को इन हाउस ब्लड उपलब्ध कराने से कई लाभ है. इससे रक्त बैंकों की ओवरचार्जिंग की खराबी हल होगी. प्रोफेशनल डोनर्स सिस्टम से बाहर हो जाएंगे. रक्त इकाइयों को केवल अस्पतालों और रक्त बैंकों के तकनीकी व्यक्ति ही नियंत्रित करेंगे, आम आदमी की कोई भूमिका नहीं होगी, खराब भंडारण की लापरवाही की संभावना कम हो जाएगी, रक्त के तर्कसंगत उपयोग का बेहतर मौका और गुंजाइश, अस्पताल रक्त के महत्व को जानेंगे और अपव्यय को कम करने का प्रयास करेंगे समेत अन्य लाभ है.

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