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सिविल सोसाइटी ने उठाया सवाल, कौन दे रहा है इंजीनियर घनश्याम अग्रवाल को संरक्षण

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Ranchi: सड़क बनाने वाले इंजीनियर घनश्याम अग्रवाल को आरआरडीए का टाउन प्लानर बनाने को लेकर झारखंड सिविल सोसाइटी ने चिंता जतायी है. साथ ही सवाल उठाया है कि इंजीनियर घनश्याम अग्रवाल को कौन संरक्षण दे रहा है.

नगर विकास विभाग के मंत्री, सचिव या रांची के बिल्डर. आखिर वो कौन लोग हैं, जिन्होंने घनश्याम अग्रवाल को आऱआऱडीए का टाउन प्लानर बनाने में मदद की.

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उल्लेखनीय है कि घनश्याम अग्रवाल मूल रुप से पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता है. इनकी पढ़ाई औऱ ट्रेनिंग सड़क बनाने की है. ना कि नक्शा पास करने की.

लेकिन झारखंड में इन्होंने लगातार टाउन प्लानर के पद पर काम किया. पूर्व की तरह एक बार फिर से सरकार ने उनकी सेवा नगर विकास विभाग को दे दी.

विभाग ने पहले उन्हें कार्यपालक अभियंता बनाने का फैसला लिया. सत्ता शीर्ष को यह मंजूर नहीं था. तब दोबारा नगर निगम रांची में टाउन प्लानर के पद पर पदस्थापित करने का फैसला लिया. मुख्यमंत्री सचिवालय ने इससे इनकार कर दिया और प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया.

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तब विभाग ने उन्हें आरआऱडीए का टाउन प्लानर बनाया. समझा जा सकता है कि घनश्याम अग्रवाल नगर विकास विभाग में सिर्फ एक ही काम करने आते हैं. और वह है नक्शा पास करने का. कोई और काम नहीं. सिस्टम उनके आगे नतमस्तक है.

सिविल सोसाइटी के आऱपी शाही ने ट्विट करके सवाल उठाया है. उन्होंने कहा हैः नगर विकास विभाग व आवास विभाग की अधिसूचना संख्या-4789 दिनांक 27.09.2018 के अनुसार टाउन प्लानर की एक क्वालिफिकेशन तय की गई थी. घनश्याम अग्रवाल तो कहीं से भी उसके योग्य नहीं हैं. अब यह गंभीर विषय है कि वह किसके संरक्षण में फल रहे हैं. नगर विकास मंत्री, मुमंत्री या बिल्डर लॉबी.

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जानकारी के मुताबिक, आऱपी शाही ने जिस अधिसूचना का जिक्र किया है, वह वर्तमान नगर विकास मंत्री सीपी सिंह औऱ नगर विकास विभाग के सचिव अजय कुमार सिंह के कार्यकाल में ही जारी किया गया था.

फिर आखिर किन दवाबों में या परिस्थितियों में घनश्याम अग्रवाल को बिना क्वालिफिकेशन के टाउन प्लानर बनाने का फैसला लिया गया.

आखिर किस परिस्थिति में घनश्याम अग्रवाल की इच्छानुसार सिर्फ छह माह में उनकी पोस्टिंग के लिये तीन प्रस्ताव तैयार किये गये. सूत्रों के मुताबिक, घनश्याम अग्रवाल के पीछे एक मजबूत बिल्डर लॉबी काम कर रही है.

जिसमें एक सिंह जी का नाम सबसे आगे है. नगर विकास विभाग में भी कई अफसर-कर्मी हैं, जो श्री अग्रवाल के पक्ष में काम कर रहे हैं.

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