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Self Lockdown के लिए सांसदों से लेकर सिविल सोसाइटी ने उठायी आवाज, कारोबारियों ने शुरू की सेल्फ लॉकडाउन की पहल

Ranchi : राज्य में कोरोना की दूसरी लहर बेकाबू होती जा रही है. 18 अप्रैल को 24 घंटे के अंदर ही 50 कोरोना संक्रमितों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी. रांची में ही 11 की मौत हो गयी. कोरोना के 3992 नये मामले सामने आय़े.

सोमवार को रांची डीसी के आवासीय कार्यालय में 3 स्टाफ के कर्मियों के पॉजिटिव होने की रिपोर्ट सामने आय़ी. राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू को भी कोरोना संक्रमित होने के कारण एक अस्पताल तक में एडमिट होना पड़ा. सीएम हाउस के 5 से अधिक कर्मी भी संक्रमित हो चुके हैं.

तेजी से बढ़ते इस भयावह आंकड़ों को देखते हुए रांची सांसद सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और सिविल सोसाइटी के लोगों ने लॉकडाउन की मांग तेज कर दी है. यहां तक कि कई संगठनों और कारोबारियों ने सेल्फ लॉकडाउन की पहल भी की है.

फिलहाल रांची सहित दूसरी जगहों पर कई कारोबारी संस्थानों, कस्बों में सेल्फ लॉकडाउन एक से दो सप्ताह तक के लिये प्रारंभ भी कर दिया गया है.

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सांसद ने सीएम से लगायी गुहार

रांची सांसद संजय सेठ ने सीएम हेमंत सोरेन से रांची में लॉकडाउन लगाये जाने की गुहार लगायी है. ट्विटर पर कहा है कि दिल्ली में कर्फ्यू लगा दिया गया. उत्तरप्रदेश में लॉकडाउन हो गया. कई अन्य राज्य अपने नागरिकों की हिफाजत के लिए कड़े कदम उठा रहे हैं.

रांची की भयावह स्थिति को देखते हुए आपसे भी आग्रह है कि रांची को अविलंभ लॉकडाउन लगाया जाए. सांसद के अलावा झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स, आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन), सिविल सोसाइटी, सचिवालय सेवा कर्मी संघ सहित अन्य संगठन, संस्थाओं ने भी पहल तेज कर दी है. 21 से 25 अप्रैल तक लोगों से सेल्फ लॉकडाउन करने की अपील चैंबर और आईएमए ने सोमवार को की.

मेन रोड (रांची) स्थित अटल वेंडर मार्केट में 472 दुकानें हैं. दुकानदारों ने एहतियातन और कोरोना चेन ब्रेक करने को सेल्फ लॉकडाउन का फैसला लिया है. सोमवार से उन्होंने अपनी दुकानें भी बंद कर दी हैं जो 26 अप्रैल तक जारी रहेगा.

इसी तरह कोरोना की रफ्तार रोकने को मेन रोड स्थित शास्त्री मार्केट के दुकानदारों ने एक सप्ताह के लिये तालाबंदी कर दी है. धुर्वा स्थित सचिवालय में काम करने वाले 1100 कर्मियों ने भी अपनी सुरक्षा के मद्देनजर 23 अप्रैल तक के लिये सेल्फ लॉकडाउन कर दिया है.

राष्ट्र निर्माण सेना के अध्यक्ष अमृतेश पाठक ने सोमवार को लॉकडाउन के समर्थन में रातू के कई इलाकों में पदयात्रा निकाली. कहा कि पूरा सिस्टम अभी ध्वस्त होने को है. ऐसे में लॉकडाउन ही सबसे प्रभावी उपाय है.

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अस्पतालों में नहीं मिल रहा बेड

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से कोरोना की दूसरी लहर ने कहर मचा रखी है. हर दिन हजारों लोग संक्रमित हो रहे हैं. किसी तरह की स्वास्थ्यगत परेशानी होने पर समय पर कोरोना जांच और उसकी रिपोर्ट नहीं मिल पा रही.

पॉजिटिव होने की रिपोर्ट पर अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर औऱ दवाओं की कमी से जूझना पड़ रहा है. यहां तक कि अस्पताल में बड़ी संख्या में डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ भी संक्रमित हो रहे हैं.

पिछले कुछ दिनों में बेड और दूसरी सुविधाओं के अभाव में कई नामी गिरामी लोगों को भी अपनी जान गंवानी पड़ी है. कला संस्कृति विभाग के सहायक निदेशक विजय पासवान, साहित्यकार गिरिधारी राम गोंझू, जल संसाधन विभाग के गजेश्वर महतो सहित तमाम लोग इसमें शामिल हैं. फिलहाल राज्य सरकार संपूर्ण लॉकडाउन लगाने का फैसला नहीं ले सकी है. वह अभी अधिक से अधिक सख्ती बरतने पर ही लगी हुई है.

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