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सीआईडी जांच में 27 कोयला चोरों के नाम, बाकी को छूट!

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Dhanbad: कोयला चोरी का मास्टर माइंड गोयल का नाम है, न मैनेजर राय का और न झरिया में कोयला चोरी के मामले में बार-बार पुलिस के फंदे में आये गणेश यादव का. उन पुलिस अधिकारियों का भी नाम नहीं है, जिनलोगों ने मामूली लोगों को निरसा का कोयला बादशाह बना दिया. आखिर, यह सीआईडी जांच किसलिए है? कोयला चोरी में शामिल रहे नीचे से ऊपर तक के पुलिस पदाधिकारियों और सौ से अधिक कोयला चोरों को क्लीन चीट देने के लिए? खबर है कि सीआईडी ने धनबाद एसएसपी को 25 मई 2018 और 23 अक्तूबर 2018 को पत्र भेज कर कार्रवाई के लिए कहा था.

लोगों को मालूम है कि भाजपा और इसके विरोधी दल से संबंध रखनेवाले बरवाअड्डा के ही कई कोयला चोरों का नाम सीआईडी की इस तथाकथित सूची से गायब है. क्या यह धनबाद को कोयला चोरी का स्वर्ग बनानेवाले के दिमाग की यह खुराफात है? अगर, ऐसा नहीं होता तो कोयलाचोरी के मामले जिन लोगों और हार्ड कोक भट्ठा मालिकों पर दर्ज हुए, उनका नाम सूची में होता. कोयला चोरों की सूची की खबर वायरल करनेवाले महेश शर्मा का भी नाम शामिल करते, जिनके पास से आयकर विभाग ने आपणो घर मामले में छापेमारी कर चोरी के कोयले को गलत कागजात बनाकर बेचने के प्रमाण पाये. इस रकम का उपयोग आपणो घर प्रोजेक्ट में किया गया. इस सूची में टुंडी रोड और गोविंदपुर के उन हार्ड कोक भट्ठा के मालिकों का भी नाम नहीं है, जिनके खिलाफ पुलिस ने हाल ही एफआईआर की और आयकर विभाग ने चोरी का कोयला खपाने के मामले में दबिश दी.

आखिर यह सूची आयी कहां से?

रघुवर दास के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनने के बाद कोयला चोरी में शामिल पुलिस पदाधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए सीआईडी जांच कराने की घोषणा हुई थी. सरकार ने कहा था कि कोयला चोरी पूरी तरह से बंद होगी. शुरूआत में सीआईडी ने इस मामले में कुछ सुगबुगाहट दिखाई. फिर सवाल उठा कि सीआईडी का एक मामूली इंस्पेक्टर कोयला चोरी में शामिल अपने वर्तमान और पूर्व के बड़े अधिकारियों के खिलाफ क्या जांच करेगा? अगर, जांच ही करानी है तो सीबीआई से करायी जाये. बात आई-गई हो गयी. कोयला चोरी कोयलांचल में जोरदार स्पीड में चल पड़ी. कोयलाचोरी का प्रमाण अवैध खनन के दौरान हाल के वर्षों में दर्जनाधिक लोगों की मौत से मिलता है.

हालांकि, कोयलाचोरी की थानों में छिटपुट रिपोर्ट भी लिखी गयी. अब सीआईडी ने सैकड़ों कोयला चोरों में से गिनती के कुछ चोरों की सूची क्यों जारी की? सच तो यह है कि ऐसी सूची जारी करने का कोई तुक नहीं है. चोरों को चोरी के कोयले के साथ पकड़ कर कुछ अफसर धनबाद के नये एसएसपी की नजर में खुद को शरीफ साबित करने की कोशिश कर रहे हैं, तो कोयलाचोरों के संरक्षक पार्टी के कार्यक्रम के बहाने खुद को बचाने में लगे हैं. एनआईए का कोयलाचोरी और नाजायज कारोबार के मामले में दखल देना कुछ लोगों को खतरे की घंटी लग रही है.

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