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ईसीएल कर्मी को गांजा तस्कर बता कर जेल भेजने के मामले सीआइडी ने 4 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र किया दायर

Ranchi : ईसीएल कर्मी को गांजा तस्कर बता कर जेल भेजने के मामले में सीआइडी ने 4 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है. जिन लोगों के ऊपर सीआइडी ने आरोप पत्र दायर किया है उनमें नीरज कुमार, रवि कुमार ठाकुर, सुनील पासी और राजीव रॉय शामिल हैं. सीआइडी ने इन सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत आरोप पत्र दायर किया है. इस मामले सीआइडी का अनुसंधान जारी है.

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इस मामले में सीआइडी के एडीजी के द्वारा धनबाद के पूर्व एसएसपी कौशल किशोर से भी पूछताछ की थी. कौशल किशोर के द्वारा दिये बयान की सत्यता की जांच की जा रही है.

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सीआइडी ने अपने जिम्मे ली है जांच

गांजा तस्करी के मामले में निर्दोष ईसीएल कर्मी चिरंजीत घोष को धनबाद पुलिस ने जेल भेज दिया था. बीते महीने 20 मई को इस कांड की जांच का प्रभार तत्काल प्रभाव से सीआइडी ने अपने जिम्मे ले लिया था. मामले में धनबाद के पुलिस अफसरों पर आरोप है कि किसी के कहने पर ईसीएल कर्मी को फर्जी मामले में फंसाया गया था. सीआइडी की जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि राजीव राय ही टवेरा गाड़ी में गांजा प्लांट कर बंगाल से धनबाद के निरसा गांजा लेकर आया था. इसके बाद उसने धनबाद पुलिस के लिए स्पाई के तौर पर काम करनेवाले रवि ठाकुर, नीरज तिवारी व सुनील पासी की मदद से चिरंजीत को केस में फंसाने की साजिश रची थी. सीआइडी इस मामले में धनबाद पुलिस के तीनों स्पाई और राजीव रॉय को गिरफ्तार कर बीते महीने जेल भेज चुकी है.

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क्या है मामला

25 अगस्त, 2019 को धनबाद के निरसा में पुलिस ने एक शेवरले गाड़ी से 39.30 किलो गांजा बरामद किया था. इस मामले में धनबाद पुलिस ने ईसीएल कर्मी चिरंजीत घोष को गांजा तस्करी का किंगपिन बताते हुए आरोपी बनाया था. धनबाद पुलिस ने इस मामले में चिरंजीत को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया था. चिरंजीत के जेल भेजे जाने के बाद उसकी पत्नी ने तत्कालीन डीजीपी केएन चौबे समेत राज्य पुलिस के अन्य अधिकारियों से मुलाकात कर इंसाफ की गुहार लगायी थी. चिरंजीत की पत्नी के मुताबिक, उसके पति को बंगाल पुलिस के एक अधिकारी ने साजिश कर फंसाया था. जिसके बाद मुख्यालय स्तर से मामले की जांच करायी गयी. जांच में यह साबित हुआ था कि चिरंजीत को गलत तरीके से फंसा कर जेल भेजा गया था. पुलिस ने पोल खुलने के बाद कोर्ट में तथ्यों की भूल बताते हुए चिरंजीत को रिहा कराया था.

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