JharkhandRanchi

श्रीलंका हमले के खिलाफ मसीही समुदाय ने निकाला जुलूस, की गयी प्रार्थना, रविवार को सभी चर्चों में विशेष प्रार्थना मिस्सा का आयोजन

Ranchi:  श्रीलंका आत्मघाती हमले के विरोध से शनिवार को राजधानी रांची में प्रदर्शन किया गया. राजधानी स्थित मेन रोड में क्रिस्चियन यूथ एसोसिएशन की ओर से प्रदर्शन किया गया.

इस दौरान लोगों ने कैंडल मार्च निकाल आतकंवाद का विरोध किया. साथ हमले में मारे गये लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की गयी. एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलदीप तिर्की ने कहा कि धार्मिक सभाओं के दौरान इस तरह के हमले होना मानवता को शर्मसार करता है.

चर्च जैसे धार्मिक स्थलों पर इस तरह की घटना को अंजाम देना उचित नहीं है. आतंकवाद अब किसी एक देश का नहीं बल्कि दुनिया भर में पैर पसार रहा है. ऐसे में जरूरी है कि एकजुट होकर इसके खिलाफ आवाज उठायी जाये.

Catalyst IAS
ram janam hospital

इस दौरान काफी संख्या में मसीह विश्वासी थे. इस जुलूस में सभी धर्म के लोग शामिल हुए. जिनकी संख्या सैकड़ों में थी.

The Royal’s
Sanjeevani

इसे भी पढ़ेंः वोटों का बंटवारा रोकने के लिए आम आदमी पार्टी नहीं लड़ रही चुनाव, वामदलों को समर्थन: जयशंकर 

सभी चर्चों में की जायेगी विशेष प्रार्थना

उन्होंने जानकारी दी कि रविवार को सभी चर्च में आयोजित होने वाली मिस्सा प्रार्थना में श्रीलंका हमले के पीड़ितों के लिए प्रार्थना की जायेगी.

साथ ही घटना में दिवंगत लेागों की आत्मा की शांति के लिए भी प्रार्थना की जायेगी. उन्होंने कहा कि घटना के लिए जितनी निंदा की जाये, कम है. ऐसी घटना दुनिया के किसी भी कोने में नहीं होनी चाहिए.

इस दौरान केंद्रीय आदिवासी मोर्चा के अलबिन लकड़ा ने गुमला में हुई मॉब लिंचिंग की निंदा की. साथ ही कहा कि इस घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. साथ ही दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाना चाहिए.

इसे भी पढ़ें: पिठोरियाः चुनाव में सुरक्षा के नाम पर छात्र, वकील, शिक्षक और बुद्धिजीवियों को अपराधियों की सूची में डाल रही है पुलिस  

लोयला स्कूल से निकाला गया जुलूस

श्रीलंका आतंकी हमले के विरोध में मौलाना तहजीब-उल-हसन रिजवी के नेतृत्व में मौन जुलूस निकाला गया.

यह जुलूस लोयला स्कूल से निकाला गया. इस दौरान मौलाना रिजवी ने कहा कि शर्म की बात है कि लोग इस तरह धार्मिक स्थलों पर हमले कर रहे है. मानवता से बढ़ कर दुनिया में कोई धर्म नहीं.

वहीं आतंकवाद समय के साथ-साथ और भी भयावह होता जा रहा है.

इसे भी पढ़ेंः वायु प्रदूषण झारखंड में मौत तथा अपंगता के मामले में तीसरा सबसे बड़ा रिस्क फैक्टर :  डॉ नीरज

Related Articles

Back to top button