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चिरुडीह गोलीकांड के पीड़ितों में जगी न्याय की आसः HC ने सरकार को त्वरित जांच कर कार्रवाई का दिया आदेश

Hazaribagh: हजारीबाग के चर्चित चिरुडीह गोलीकांड के पीड़ितों में न्याय की आस जगी है. दरअसल, 2016 में हजारीबाग के चिरुडीह में भारत सरकार की महारत्न कंपनी एनटीपीसी की अनियमितताओं के खिलाफ और अपनी मांगों को लेकर हुए आंदोलन में पुलिस-ग्रामीणों के साथ हुई झड़पों में दोनों तरफ से कई मामले दर्ज हुए. लेकिन अब तक पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगा. अब हाईकोर्ट के रंगन मुखोपध्याय की अदालत ने, पीड़ितों के तरफ से कोर्ट परिवादवाद दायर करने के बाद, बड़कागांव थाना में दर्ज मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच करने का आदेश दिया है. जिससे चिरुडीह-ढेंगा गोलीकांड के पीड़ितों को न्याय की आस जगी है.

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गोलीकांड में चार की हुई थी मौत

एनटीपीसी के खिलाफ ग्रामीणों के आंदोलन के दौरान दो बार पुलिस-ग्रामीणों के बीच भीषण झड़प हो चुकी है. दोनों घटनाओं में पुलिस की गोली से चार लोगों की मौत हुई, वही कई घायल हो चुके हैं. पहली घटना 14 अगस्त 2015 को किसान अधिकार महारैली के दौरान एनटीपीसी के निर्माणधीन आवासीय कॉलोनी के सामने हुई, झड़प में छह लोग पुलिस की गोली से घायल हुए थे.

दूसरी घटना, एक अक्टूबर 2016 को चिरुडीह में कफन सत्याग्रह के दौरान हुई पुलिस-ग्रामीणों की झड़प में पुलिस की गोली से चार लोगों की मौत व कई घायल हुए थे. दोनों घटनाओं को लेकर पुलिस की तरफ से बड़कागांव थाना में कांड संख्या 167/15 और 228/16 दर्ज की गयी थी. जिसमें दर्जनों लोगों के साथ-साथ पुलिस की गोली से घायल हुए लोगों को भी अभियुक्त बनाकर जेल भेज दिया गया था.

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दोनों घटनाओं का ट्रायल हजारीबाग एडीजे 14 अमित शेखर की अदालत में चल रहा है. वहीं पीड़ितों की तरफ से कोर्ट परिवादवाद दायर करने के बाद हाईकोर्ट की नोटिस पर बड़कागांव थाना में मामला दर्ज किया जा सका था और अब हाईकोर्ट ने उक्त कांडों की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर कार्रवाई करने का आदेश दिया है.

पीड़ितों की तरफ से हाईकोर्ट में जुबैदा खातून,संजय राम,श्रीचंद राम,पवन राय ने क्रिमिनल रिट याचिका दायर की थी, जिसकी पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक कृष्ण गुप्ता,कुमार अजित ने की थी.

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NTPC,पुलिस-प्रशासन,त्रिवेणी सैनिक के बड़े अधिकारी हैं नामजद आरोपी

चिरुडीह-ढेंगा गोलीकांड में पुलिस गोली से हुई मौत के बाद उनके परिजनों और घायलों के द्वारा दायर कोर्ट परिवादवाद के बाद करीब डेढ़ साल बाद बड़कागांव थाना में दर्ज मामले में एनटीपीसी,पुलिस-प्रशासन,त्रिवेणी सैनिक के कई बड़े अधिकारियों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है. जिसमें डीसी रविशंकर शुक्ला, एएसपी कुलदीप कुमार,एनटीपीसी के जीएम टी गोपाल कृष्णा, रविंदर सिंह राठी,एजीएम एस के तिवारी,बीबी महापात्रा, डीएसपी दिनेश गुप्ता,एसडीपीओ प्रदीप पाल कच्छप, इंस्पेक्टर अवधेश सिंह, अखिलेश सिंह, सीओ प्यारे लाल, शैलेश कुमार,अशोक चोपड़ा,त्रिवेणी सैनिक के ए सुबरमन्यम, गोपाल सिंह, एसडी सिंह, समेत कई सब इंस्पेक्टर नामजद अभियुक्त हैं.

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