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पोर्न साइट्स के खिलाफ तेज हुई चीनी जंग, जानकारी देने वालों को मिलेगा लाखों का ईनाम

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NW Desk: चीन ने पोर्न साईट्स के खिलाफ अपनी लड़ाई तेज कर दिया है. इसके लिए पॉर्नग्राफिक और गैर-कानूनी कंटेंट के बारे में जानकारी देने वाले नागरिकों को दिए जाने वाले नगद ईनाम में इजाफा कर दिया है. शुक्रवार को चीन की ओर से नया आदेश जारी किया गया है. न्‍यूज एजेंसी एएफपी अनुसार नया कानून ए‍क दिसंबर से लागू हो रहा है. इस नये नियम के बाद पहले की तुलना में ईनाम की राशि दोगुनी कर दी गयी है.

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दोगुनी हुई ईनाम की रकम

चीन में पॉर्न और गैर-कानूनी कंटेंट के बारे में अथॉरिटीज को बताने पर नागरिकों को पहले 300,000 युआन मिलते थे. अब इस नये नियम के तहत ईनाम की राशि 600,000 युआन होगी और अमेरिकी डॉलर में यह रकम 118,000 है. चीन में गैर-कानूनी कंटेंट की परिभाषा विस्‍तार से लोगों को बतायी गयी है. लेकिन इसमें ‘राष्‍ट्रीय एकता को खतरे में डालने वाले,’ ‘देश के राज को उजागर करना’ और ‘सामाजिक ढांचे को प्रभावित’ करने वाले नियमों को भी शामिल किया गया है. यह वे शब्‍द हैं जिनका प्रयोग अथॉरिटीज अक्‍सर चीनी प्रशासन के तहत लोगों को सजा देने के लिए करती हैं. इन शब्‍दों के जरिए ज्‍यादातर सामाजिक कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जाता है.

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वेबसाइट्स पर निशाना

नए नियमों को चीनी मीडिया के रेगुलेटर की ओर से जारी किया गया है. इनका मकसद कंटेंट पर नियंत्रण करना है. वहीं पिछले दिनों साइबरस्‍पेस एडमिनिस्‍ट्रेशन ऑफ चाइना (सीएसी) की ओर से कहा गया है कि उसने चाइनीज सोशल मीडिया पर मौजूद 9,800 ऐसे एकांउट्स को हटाया है जिन पर राजनीतिक नुकसान पहुंचाने वाला कंटेंट मौजूद था. साथ ही इन प्‍लेटफॉर्म के जरिये अफवाह और गलत धारणाएं लोगों के बीच पहुंचाई जा रही थीं. चीन के इंटरनेट रेगुलेटर ने अपने एक्‍शन में वी चैट और वीबो को लापरवाही बरतने और गैर-जिम्‍मेदाराना बर्ताव का आरोप लगाते हुए निशाना बनाया है.

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डिवाइस तक की जानकारी पुलिस को

सीएसी ने नए नियमों के तहत वेबसाइट्स और किसी भी ऑन लाइन प्‍लेटफॉर्म के लिए यह अनिवार्य कर दिया है कि सर्विस प्रोवाइडर्स को चैट लॉग, नेटवर्क एड्रेस और किस तरह की डिवाइस से इंटरनेट का एक्‍सेस किया जा रहा था, इस बारे में भी जानकारी माह के अंत तक पुलिस को सौंपनी होगी. इस जानकारी सिक्‍योरिटी एस्‍सेमेंट रिपोर्ट्स में शामिल किया जाएगा. सीएसी, वीबो, चैट ग्रुप्‍स और ब्‍लॉग्‍स यानी ऐसे पब्लिक प्‍लेटफॉर्म पर अपना नियंत्रण रखना चाहती है, जो लोगों को प्रभावित कर सकते हैं.

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