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चीन पहुंचा चांद पर, इतिहास में नाम दर्ज कराया, चेंगई-4  चंद्रमा की डार्क साइड में उतारा

चीन अपने चंद्रमा मिशन (चेंग’ई-4) पर कामयाब हो गया है. खबरों के अनुसार गुरुवार, तीन जनवरी को चीनी अंतरिक्ष यान से एक लैंडर और एक रोवर ने चंद्रमा की डार्क साइड में सॉफ्ट लैंडिंग की

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Beijing : चीन अपने चंद्रमा मिशन (चेंग4) पर कामयाब हो गया है. खबरों के अनुसार गुरुवार, तीन जनवरी को चीनी अंतरिक्ष यान से एक लैंडर और एक रोवर ने चंद्रमा की डार्क साइड में सॉफ्ट लैंडिंग की. बता दें कि चंद्रमा के जिस इलाके में चीन ने दस्तक दी है, माना जा रहा है कि वहां इतिहास में पहली बार किसी स्पेसक्राफ्ट ने सॉफ्ट लैंडिंग की है. इसे बड़ी कामयाबी माना जा रहा है. जानकारी के अनुसार चेंग4 को एक लैंडर और एक रोवर के साथ पिछले वर्ष आठ दिसंबर को चीन के दक्षिणपश्चिम के सिचुआन प्रांत स्थित शीचैंग सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से लॉन्ग मार्च 3 बी रॉकेट के जरिये लॉन्च किया गया था. यह यान चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के दूर के किनारे पर उल्का पिंड के द्वारा बने एक विशाल गड्ढे में उतरा. यह सौर मंडल में सबसे बड़े ज्ञात गड्ढों में से एक है.  यह लगभग 2500 किलोमीटर व्यास में है और 12 किलोमीटर गहरा है.

 चीन की इस उपलब्धि की शुरुआती रिपोर्ट्स ने एक भ्रम की स्थिति पैदा कर दी थी. जानकारी के अनुसार चीन के सरकारी मीडिया चाइना डेली और सीजीटीएन द्वारा मिशन के जश्न के ट्वीट डिलीट कर दिये थे.

 चंद्रमा की दूर की सतह का पहला क्लोजअप शॉट

 चाइना डेली के ट्वीट के अनुसारचीन का चेंग4 चंद्रमा के दूर के इलाके में उतर गया, यह मानव जाति के चंद्रमा अन्वेषण इतिहास में एक नए अध्याय का उद्घाटन है. बता दें कि चांद पर लैंडिंग के बारे में आधिकारिक पुष्टि सरकारी टीवी चैनल सीसीटीवी के जरिये दो घंटे बाद की गयी, जिसमें कहा गया कि चंद्रमा अन्वेषक ने सुबह 10.26 बजे चांद की सतह को छुआ. सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के अनुसार इतिहास में पहली बार चंद्रमा के दूर के इलाके में सफलता पूर्वक यान ने सॉफ्ट लैंडिंग कर ली है. बता दें कि सीसीटीवी के अंग्रेजी संस्करण ने एक तस्वीर ट्वीट की  है, जो चंद्रमा की दूर की सतह का पहला क्लोजअप शॉट दिखा रही है. जानकारी दी गयी है कि चीन के इस मिशन का उद्देश्य चंद्रमा के इलाके और खनिज संरचना का विस्तृत माप लेना है. माना जाता है कि इस ऐटकेन बेसिन का निर्माण चंद्रमा के इतिहास में बहुत पहले हुई एक जोरदार टक्कर के दौरान हुआ था.

 माना जा रहा है कि चीनी यान द्वारा ऐसे सुराग मिल सकते है जिससे पता चलेगा कि चद्रमा का निर्माण कैसे हुआ होगा.  ग्लोबल टाइम्स की मानें तो 1950 से अब तक 100 से ज्यादा अंतरिक्ष यान और पड़तालें लॉन्च की जा चुकी हैं, लेकिन किसी ने भी चंद्रमा की डार्क साइड में सॉफ्ट लैंडिंग नहीं की थी. 

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