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ऑनलाइन क्लास से बच्चों को भूलने की बीमारी, भविष्य में करियर पर पड़ सकता है असर

Ranchi : कोरोना को देखते हुए स्कूल बंद पड़े हैं. फिलहाल स्कूल खोलने को लेकर सरकार भी छूट नहीं देना चाहती. ऐसे में स्कूल ऑनलाइन क्लास करा रहे हैं. इतना ही नहीं क्लास अटेंड करना हर किसी के लिए कंपल्सरी कर दिया गया है. लेकिन इस ऑनलाइन क्लास के चक्कर में अब बच्चों को भूलने की बीमारी हो गई है. जो टीचर्स के साथ ही पैरेंट्स के लिए भी सिर दर्द बढ़ाने का काम कर रही है. वहीं टीचर्स के पूछने पर बच्चे रिकॉल भी नहीं कर पा रहे है. इसे लेकर पैरेंट्स अब बच्चों को लेकर काउंसेलिंग के लिए साइकोलॉजिस्ट से मदद मांग रहे हैं.

50-60 परसेंट बच्चों में समस्या

पहले प्राइवेट स्कूलों में ही ऑनलाइन क्लासेज चल रहे थे. अब सरकारी स्कूलों में भी ऑनलाइन क्लास शुरू कर दी गई है. इसके अलावा वीडियो बनाकर यूट्यूब पर भी डाला जा रहा है. लेकिन इसके बावजूद बच्चें अपना असाइनमेंट भी पूरा नहीं कर पा रहे है. किसी तरह बच्चे असाइनमेंट पूरा भी कर ले रहे है तो टेस्ट देने में उन्हें काफी परेशानी हो रही है. 100 बच्चों की बात करें तो उसमें से लगभग आधे बच्चे पढ़ाई के बाद चैप्टर याद नहीं रख पा रहे.

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कैजुअल अप्रोच से पैरेंट्स अंजान

ऑफलाइन क्लास में बच्चे 100 परसेंट अटेंडेंस के साथ क्लास करते थे. ऑफलाइन में भी अटेंडेंस तो 100 परसेंट होती है. लेकिन बच्चों के कैजुअल अप्रोच से पढ़ाई पर इफेक्ट पड़ रहा है. इसका खुलासा तब हुआ जब पैरेंट्स बच्चों की काउंसेलिंग करा रहे है. जिसमें बच्चे साइकोलॉजिस्ट को बता रहे है कि घंटों तक मोबाइल और लैपटॉप के सामने बैठकर पढ़ाई करना उनके लिए परेशानी बन रहा है.

क्या कहते हैं साइकोलॉजिस्ट

डॉ भाग्यश्री कर, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट बताती हैं कि बच्चे पहले क्लास में सीरियस होते थे. उन्हें एहसास होता था कि पाठ याद नहीं किया तो क्लास में उनकी इंसल्ट होगी. वहीं एग्जाम तो अब ऑफलाइन हो ही नहीं रहा है जिससे कि रिजल्ट जारी होगा. ऐसे में वे पढ़ाई को सीरियस नहीं ले रहे हैं. बस क्लास अटेंड करने के लिए कंप्यूटर के सामने आते हैं. कुछ बच्चे क्लास के दौरान ऑनलाइन गेम्स खेलते भी पाए गए. काउंसेलिंग में ये बाते सामने आई है. भूलने की जहां तक बात है तो आधे से ज्यादा बच्चों पर ऑनलाइन क्लास एक बोझ बन गया है. घंटों समय बिताने के बाद भी वे चीजों को याद नहीं रख पा रहे हैं जिससे कि भविष्य में उन्हें दिक्कत होगी.

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