Jamshedpur

लंबे समय से जमानत न मिलने के तनाव में आत्महत्या की थी बाल कैदी गड्डू ने  

रिमांड होम में बंदी की मौत मामले में DC ने मानवाधिकार आयोग को न्यायिक जांच रिपोर्ट सौंपी

Jamshedpur : मानगो गौड़ बस्ती निवासी बाल बंदी गौरव कुमार वर्मा उर्फ गुड्डू ने लंबे समय तक ज़मानत नहीं मिलने के कारण मानसिक परेशानी से आहत होकर आत्महत्या की थी. कृष्णा नगर, रोड नंबर 5 निवासी गुड्डू को बाल पोस्को एक्ट के तहत गिरफ्तार कर संप्रेषण गृह में रखा गया था, जहां उसने 19-20 सितंबर 2018 की आधी रात गले में गमछे का फंदा बना कर आत्महत्या कर ली थी.

पूर्वी सिंहभूम के उपाय़ुक्त ने इस चर्चित मौत के मामले की न्यायिक जांच रिपोर्ट राज्य मानवाधिकार आयोग को सौंप दी है.  रिपोर्ट में गुड्डू की मौत को जमानत नहीं मिलने के कारण परेशानी में उठाया गया कदम बताया गया है. रिपोर्ट मिलने के बाद आयोग ने रिपोर्ट को मानवाधिकार संगठन के प्रमुख मनोज मिश्रा को भेज कर 28 अक्टूबर तक उनका मंतव्य मांगा है. झारखंड राज्य मानवाधिकार आयोग के आदेश पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज प्रसाद ने गुड्डू की मौत के मामले की जांच की जिम्मवारी प्रथम न्यायायिक दंडाधिकारी कृष्णा लोहरा को 9 फरवरी 2019 को सौंपी. जास्टिस लोहरा ने 13 नवंबर 2019 को 17 पन्नों की जांच रिपोर्ट दी. उन्होंने कुल 17 गवाहों के बयान दर्ज किये हैं. उनमें संप्रषेण गृह में गुड्डू के साथ रह रहे बाल बंदी, उसके परिवार के सदस्य, संप्रेषण गृह के हवलदार,  सिपाही, शिक्षक, बाल कल्याण समिति के सदस्य, पदस्थापित चिकित्सक, शव का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर, केस के अनुसंधान पदाधिकारी एवं रिमांड होम के प्रभारी अधीक्षक शामिल हैं.

गौरव कुमार वर्मा के शव का पोस्टमार्टम करनेवाली टीम के चिकित्सक डाक्टर उदय शंकर प्रसाद के अनुसार गौरव की मौत गले में फंदा कसने से दम घुटने के कारण हुई. इस मामले में मानवाधिकार संगठन के प्रमुख मनोज मिश्रा ने न्यायायिक जांच की मांग की थी. मिश्रा ने कहा है कि शीघ्र ही संगठन के सदस्य गुड्डू वर्मा के परिवार से मिलकर जांच रिपोर्ट की कौपी सौपेंगे तथा उनका मंतव्य लेंगे. इसके बाद अगली रिपोर्ट मंतव्य के साथ आयोग को प्रस्तुत की जायेगी.

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