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वायुसेना प्रमुख ने कहा, बालाकोट हमले का असर और भीषण होता, अगर राफेल समय पर वायु सेना में शामिल हो जाता  

भारतीय वायु सेना ने बीते 26 फरवरी को तड़के सीमापार पाकिस्तान स्थित बालाकोट में आतंकी गुट जैश ए मोहम्मद के ठिकाने को निशाना बनाया था

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NewDelhi : वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने सोमवार को भविष्य की एयरोस्पेस शक्ति और प्रौद्योगिकी के प्रभाव पर  आयोजित एक संगोष्ठी में कहा कि बालाकोट हवाई हमलों में तकनीक भारत के पक्ष में थी और यदि समय पर राफेल लड़ाकू विमान मिल जाते तो परिणाम देश के और अधिक पक्ष में होते.उन्होंने कहा कि बालाकोटअभियान में हमारे पास प्रौद्योगिकी थी और हम बड़ी सटीकता के साथ हथियारों का इस्तेमाल कर सके.

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हम बेहतर हुए हैं, क्योंकि हमने अपने मिग -21 बाइसन  और मिराज-2000 विमानों को उन्नत बनाया था. इस क्रम में  वायुसेना प्रमुख  धनोआ ने कहा, यदि हमने समय पर राफेल विमान  शामिल कर लिये होते तो परिणाम हमारे पक्ष में और अधिक हो जाते.

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कौन कहता है कि हमें राफेल की जरूरत नहीं है?

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बता दें कि इससे पहले भी वायुसेना प्रमुख राफेल की अहमियत पर अपनी राय जाहिर कर चुके हैं.  भारतीय एयर चीफ मार्शल  धनोआ ने पिछले साल 19 दिसंबर को राफेल से जुड़े एक सवाल के जवाब में कहा था, कौन कहता है कि हमें राफेल की जरूरत नहीं है? सरकार कहती है कि हमें राफेल की जरूरत है, हम कहते हैं कि हमें राफेल की जरूरत है, सुप्रीम कोर्ट ने भी अच्छा फैसला दिया है, हमें इस प्रक्रिया में काफी देरी पहले ही हो चुकी है, हमारे प्रतिद्वंदियों अपना सिस्टम पहले ही अपग्रेड कर चुके हैं.

भारतीय वायु सेना ने बीते 26 फरवरी को तड़के सीमापार पाकिस्तान स्थित बालाकोट में आतंकी गुट जैश ए मोहम्मद के ठिकाने को निशाना बनाया था, जिसमें बड़ी संख्या में आतंकवादी, प्रशिक्षक, शीर्ष कमांडर और जिहादी मारे गये थे.  इस अभियान में मारे गये आतंकियों में जैश ए मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर का बहनोई युसूफ अजहर भी शामिल था;  यह कार्रवाई जम्मू कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को आतंकी गुट जैश ए मोहम्मद द्वारा किये गये आत्मघाती हमले के ठीक 12 दिन बाद की गयी थी.

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