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मुख्यमंत्री के गृह जिला में अपराध बेलगाम ! करीब तीन सालों में 292 हत्याएं, 240 दुष्कर्म की घटनाएं

जेवीएम ने रघुवर दास के खिलाफ खोला मोर्चा

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Jamshedpur: एक ओर सरकार दावा करती है कि राज्य विकास की उन्मुख है और सूबे में अपराध कम हुआ है. लेकिन आरटीआई से मिली जानकारी बताती है कि सूबे के मुखिया के गृह जिले में ही अपराध का ग्राफ काफी ऊंचा है. बीजेपी की सरकार बनने के बाद से सीएम के होम डिस्ट्रिक में करीब 300 लोगों की हत्याएं हुई है. जबकि करीब ढाई सौ लड़कियां रेप जैसे जघन्य अपराध की शिकार हो चुकी हैं. झारखंड विकास मोर्चा ने मुख्यमंत्री रघुवर दास के गृह जिला में बढ़ते अपराध के ग्राफ पर मुख्यमंत्री को ही कठघरे में खड़ा कर दिया है.

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करीब तीन सालों में 292 हत्याएं

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जेवीएम नेता ने अपने फेसबुक पोस्ट पर साझा की जानकारी

झाविमो के केंद्रीय सचिव अभय सिंह ने आरटीआई से मांगी गई सूचना को आधार बनाते हुए रघुवर सरकार पर सवाल खड़े किया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रघुवर दास के शपथ लेने के बाद उनके ही गृह जिला में 292 हत्याएं हो चुकी हैं और 240 महिलाएं दुष्कर्म की शिकार हो चुकी है. उन्होंने बताया कि ये मामले दिसंबर 2014 से जनवरी 2018 तक की है. वही जनवरी से अबतक के भी मामले सामने आए तो मुख्यमंत्री की शर्मिंदगी और बढ़ जाएगी. उन्होंने मामले को सोशल मीडिया में भी सार्वजनिक करते हुए कहा है कि जिला में 275 अपहरण और 17 भीषण डकैती की घटनाओं पर अंकुश लगाने में विफल मुख्यमंत्री के भरोसे पूरे राज्य की सुरक्षा की गारंटी बेमानी है.

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अभय सिंह के मुताबिक, यह आंकड़ा जनवरी 2018 तक का है. इसमें सैकडों घर के ताले भी टूटे उसका जिक्र नहीं है. अब जनता ही बताएगी कि जब सीएम के गृह जिले का यह हाल है तो पूरा झारखंड कैसे चल रहा है. जबकि जिला में सड़क दुर्घटना में 1046 लोग भी मारे गए है.

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दिसंबर 2014 -जनवरी 2018 के बीच दर्ज मामले

292- हत्याएं
240- दुष्कर्म
17- भीषण डकैती
275- अपहरण
5- फिरौती
1046- सड़क दुर्घटना

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