JharkhandMain SliderRanchi

राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने दी मंजूरी, 15 लाख लाभुकों को मिलेगा खाद्यान्न

Ranchi :  अब राज्य के 15 लाख लाभुकों को प्रति माह पांच किलोग्राम खाद्यान्न एक रुपये प्रति किलो की दर से मिलेगा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लाभुकों को अनुदानित दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. झारखंड में यह झारखंड राज्य खाद्यान्न सुरक्षा योजना के नाम से जाना जायेगा. इस योजना के तहत जिलावार 15 लाख लाभुकों को इसका लाभ मिलेगा. जिसका निर्धारण वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर किया जायेगा.

इसे भी पढ़ें – AstraZeneca की दवा का क्लिनिकल ट्रायल शुरू, कोरोना संक्रमित होने से बचाएगी दवाई

11 आंदोलनकारियों को राज्य सरकार देगी पेंशन

मुख्यमंत्री ने झारखंड/वनांचल एवं जेपी आंदोलन से जुड़े 11 लोगों को पेंशन देने के प्रस्ताव पर सहमति दे दी है. जिन लोगों का चयन पेंशन के लिए किया गया है, उसमें हजारीबाग के आठ और रामगढ़ के तीन आंदोलनकारी हैं. इन्हें हर माह 3000 रुपये पेंशन मिलेगी. इन्हें एक अगस्त 2015 से पेंशन जोड़ कर दिया जायेगा.

Sanjeevani

इन आंदोलनकारियों को पेंशन

रामगढ़ जिले के अंतर्गत मांडू प्रखंड के आरा बस्ती निवासी अनिल कुमार महतो, मांडू प्रखंड के बरमासिया निवासी शिवा महतो उर्फ शिवनाथ महतो और मांडू प्रखंड के बोंगाहारा निवासी व आंदोलनकारी अकलू महतो की आश्रित पत्नी मंगरी देवी का चयन पेंशन के लिए किया गया है. वहीं, हजारीबाग जिले के बरही निवासी लखन सिंह, युगेश्वर कुमार शर्मा, किशोर ठाकुर और रामकृष्ण प्रसाद, डाडी प्रखंड के मंगलदेव महतो, कालीचरण महतो, दशरथ महतो और धीरेंद्र महतो का भी पेंशन के लिए चयन किया गया है.

इसे भी पढ़ें – कोरोना के इलाज में निजी अस्पताल नहीं कर सकेंगे मनमानी वसूली, कैपिंग रेट 8 से 18 हजार तय, घोषणा जल्द

आतंकवादी/उग्रवादी से संबंधित मामलों के लिए बनेगा स्पेशल कोर्ट

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) के तहत आतंकवादी/ वामपंथी उग्रवादी से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए रांची में एक स्पेशल कोर्ट का गठन किया जायेगा. मुख्यमंत्री ने स्पेशल कोर्ट के गठन से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. सीबीआइ की तर्ज पर ही एनआईए के विशेष न्यायालय का गठन किया जायेगा. गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा इस विशेष न्यायालय के गठन का अनुरोध किया गया था.

इसे भी पढ़ें – ऑनलाइन शिक्षा : 1.20 लाख बच्चों में से 27 फीसदी ही जुड़े नेटवर्क से, अभिभावकों को सता रही चिंता

3 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button