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झारखंड में किसानों को 270 रुपये में गाय? जानें क्या है सच्चाई

Ranchi: गुमला की एक संस्था छोटानागपुर विकास निधि गांव-गांव में फर्जीवाड़ा करने में लगी है. किसानों, पशुपालकों के बीच मुफ्त में गाय बांटे जाने का ऑफर वह दे रही है. संस्था इसके एवज में उनसे 270 रुपये का एक फॉर्म भी भरवा रही है. इस जानकारी के सामने आते ही गव्य विकास निदेशालय रेस हो गया. गुमला के जिला गव्य विकास पदाधिकारी के जरिये इस मामले की जांच करायी गयी. उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट में संस्था के कामकाज को पूरी तरह से फर्जी बताया है. संस्था अब निदेशालय के रडार पर है.

जांच रिपोर्ट में क्या लिखा गया है

संस्था छोटानागपुर विकास निधि के फॉर्म पर उसका पता गुमला का दिखाया गया है. ऐसे में गव्य विकास निदेशक ने उसी जिले के गव्य विकास पदाधिकारी को जांच का जिम्मा सौंपा. पदाधिकारी ने अपनी जांच में लिखा है कि संस्था का सालेगुटू, गुमला स्थित पता झूठा है. छोटानागपुर विकास निधि नाम की किसी संस्था का यहाँ कोई कार्यालय नहीं है. सालेगुटू के पास हीरानगर नाम का कोई टोला या मोहल्ला भी नहीं है. अगर इस तरह का कोई संस्थान भविष्य में गुमला जिले में कहीं भी काम करता हुआ पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है. जांच रिपोर्ट के समर्थन में सालेगुटू के स्थानीय ग्रामीणों द्वारा किये गए हस्ताक्षर को भी लगाया गया है.

कैसे पकड़ में आया मामला

गुमला और रांची के जिला गव्य विकास पदाधिकारी चन्द्र कुमार सिंह के अनुसार पिछले महीने रांची के अनगडा, सिल्ली इलाके के कुछ किसानों ने उनसे संपर्क किया था. छोटानागपुर विकास निधि द्वारा फ्री में गाय बांटे जाने की जानकारी दी थी. गव्य विकास निदेशालय के पास भी अलग अलग जिलों से इस तरह की सूचना गयी थी. निदेशालय की पहल पर जांच क्रम में संस्था के फर्जीवाड़े का पता लगा है. संस्था किसानों से 300-300 रुपये लेकर उन्हें ठगने में लगी है. लोग उसके झांसे में ना आयें, निदेशालय इसकी पहल करने में लग गया है.

झारखण्ड गव्य विकास एवं संरक्षण के नाम पर बिक रहे फॉर्म

छोटानागपुर विकास निधि के द्वारा रांची के सिल्ली, अनगडा, राहे और अन्य क्षेत्रों के अलावा दूसरे जिलों में भी ठगी का काम किया जा रहा है. झारखण्ड गव्य विकास एवं संरक्षण के नाम पर फॉर्म बेचे जा रहे हैं. खासकर किसानों, पशुपालकों को उसके एजेंट इसके लिए टार्गेट कर रहे हैं. फॉर्म के लिए पैसे लेने के अलावा दिए जाने वाले गाय के लिए पंजीयन, उसके बीमा और अन्य कामों के लिए पैसे की मांग की जा रही है. फॉर्म खरीदनेवालों को मुफ्त में 2-3 गाय दिए जाने की बात कही जा रही है.

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