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छत्तीसगढ़: जोगी ने धार्मिक ग्रंथों की कसम खायी, सूली पर चढ़ जायेंगे, भाजपा के साथ नहीं जायेंगे

छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम अजीत जोगी ने पत्रकारों के समक्ष कहा कि वे सूली पर चढ़ना पसंद करेंगे, लेकिन भाजपा के साथ कभी नहीं जायेंगे.

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Raipur : छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम अजीत जोगी ने पत्रकारों के समक्ष कहा कि वे सूली पर चढ़ना पसंद करेंगे, लेकिन भाजपा के साथ कभी नहीं जायेंगे. बता दें कि छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान हो चुका है.  सियासी  गलियारों में चल रही खबरों के संबंध में अजीत जोगी का कहना था कि मैं सपने में भी नहीं सोच सकता कि भाजपा के साथ गठबंधन करूं. कहा कि मैं उनको किसी शर्त पर समर्थन नहीं दूंगा और न ही उनसे समर्थन लूंगा. अजीत जोगी का यह बयान उस बयान के उलट है,  जिसमें जोगी ने कहा था कि राजनीति में किसी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, बहुमत न मिलने की स्थिति में वो भाजपा के साथ जा सकते हैं.   उनके बयान पर दो दिन पहले ही केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने उनके गढ़ मरवाही में कहा था कि अगर जोगी को राजनीति करनी थी तो भाजपा में आ जाते, जबरन परेशान हो रहे हैं.

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राजनीतिक नफा-नुकसान के आकलन के बाद जोगी ने अपना बयान पलट दिया

इसी के बाद राजनीतिक नफा-नुकसान का आंकलन करने के बाद जोगी ने अपना बयान पलट दिया.  बता दें कि छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम अजीत जोगी ने मीडिया के सामने आठ धार्मिक ग्रंथों की कसम खायी कि वे किसी को समर्थन नहीं देंगे और न ही समर्थन लेंगे.  राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बसपा मुखिया मायावती की नाराजगी के बाद अजीत जोगी अपने बयान से पलटना पड़ा.  इस क्रम में उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में उनका और बसपा का गठबंधन मजबूत है. बता दें कि  छत्तीसगढ़ में दूसरे चरण का मतदान 20 नवंबर को होना है. राज्य में मायावती और अजीत जोगी की पार्टी के गठबंधन के साथ चुनाव मैदान में है

 

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