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पीएमएस-एससी फंड के इस्तेमाल में झारखंड से आगे छत्तीसगढ़, कल्याण मंत्रालय ने रिपोर्ट जारी की

Pravin/Chhaya

Ranchi :  केंद्र सरकार की ओर से राज्यों को अलग-अलग मद में खर्च करने के लिए राशि दी जाती है. इसी में से एक प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना पीएमएस है. इस योजना तहत अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए अलग से राशि आवंटित की जाती है. जिसे पीएमएस एस के नाम से जाना जाता है.

पिछले पांच साल में केंद्र सरकार ने झारखंड के अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए ये राशि आवंटित की. कल्याण मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट को देखें तो जानकारी होगी कि साल 2016-17 में सरकार ने 2071 करोड़ रुपये राज्य सरकार को अनुसूचित छात्रों के लिए दिया. लेकिन इस साल एक भी छात्र को यह राशि आवंटित नहीं दी गयी. इस राशि के उपयोग में छत्तीसगढ़ झारखंड से आगे है.

साल 2016-17 में ही इस राज्य को 190 लाख दिया गया, जिसमें से 90,871 छात्रों को दिया गया. योजना के अनुसार प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना उन छात्रों को दी जाती है जो दसवीं पास हो और उच्च शिक्षा के लिए आवेदन करते हैं. लेकिन राज्य सरकार की उदासीनता के कारण राशि छात्रों को नहीं दी गयी.

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2018-19 में राशि ही नहीं दी गयी

केंद्र सरकार की ओर से साल 2018-19 में राशि निर्गत नहीं की गयी. वहीं साल 2015-16 में 911 लाख रूपया आवंटित किय गया. जिसमें सिर्फ 33,733 छात्रों को छात्रवृत्ति दी गयी. साल 2016-17 में 2071 लाख रुपये केंद्र ने दिये. इस साल एक भी छात्र को इस फंड से राशि नहीं दी गयी. साल 2017-18 में 892.95 लाख दिया गया, जिसमें से 20177 को छात्रवृत्ति मिली.

इन आंकड़ों से जानकारी मिलती है कि केंद्र सरकार ने किसी साल कम तो किसी साल कम राशि आवंटित की. लेकिन राज्य सरकार इन राशियों का आवंटन छात्रों के लिए नहीं कर सकी. साल 2016-17 में केंद्र की ओर से अच्छी खासी फंडिंग के बाद भी राज्य सरकार ने इसका उपयोग नहीं किया.

जिससे साल 2017-18 में केंद्र ने बजट कम कर दिया. इस योजना के तहत छात्रों को दस से पचीस हजार तक राशि दी जाती है. राशि छात्रों के अंकों के अनुसार मिलती है.

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छत्तीसगढ़ में कम फंडिंग के बावजूद अधिक छात्रों को छात्रवृत्ति

कल्याण विभाग की रिपोर्ट को देखने से पता चलता है कि छत्तीसगढ़ जैसा राज्य इस फंड के इस्तेमाल में झारखंड से आगे है. रिपोर्ट की मानें तो साल 2015-16 में केंद्र ने इस राज्य को 628 लाख रुपये आवंटित किये. जिसमें से 86,335 छात्रों को लाभ मिला.

साल 2016-17 में 190 लाख मिलने के बाद भी 90,871 छात्रों को छात्रवृत्ति दी गयी. साल 2017-18 में 3902.02 लाख में 95,565 छात्रों को लाभ पहुंचाया गया. वहीं साल 2018-19 में इस राज्य को केंद्र ने 323 लाख दिये हैं. साल 2018-19 के लाभान्वित छात्रों की जानकारी रिपोर्ट में नहीं दी गयी है. कल्याण विभाग की ओर से आने वाले साल में इसे अपडेट किया जायेगा.

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