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चौकीदार जयंत सिन्हा चुनाव में नजर आ रहे हैं नामजद फरार वारंटी के साथ

उग्रवादी संगठन के सरगना के साथ भी दिखे

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Ranchi: चुनाव जो ना कराये. आखिर सवाल वोट का है. जीत और हार का है. इस चुनावी वैतरणी को पार करने के लिए चाहे जिसको भी गले लगाना पड़े, परहेज नहीं किया जाता. जिंदगी भर जिस पार्टी को गाली देते रहे और चुनाव के लिए उसी का हाथ थाम लिया.

कहीं-कहीं तो वोट के लिए उम्मीदवार को नामजद फरार वारंटी के साथ खड़ा होना पड़ रहा है. भले ही बाद में नेता जी बोल दें कि वो कौन था नहीं जानते. झारखंड के सबसे हाई प्रोफाइल उम्मीदवार को भी इस बात से गुरेज नहीं कि वो जिसके साथ घूम रहे हैं वो एक फरार वारंटी है.

जी हां, बात हो रही है केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा की. जिनके साथ इस बार जयंत सिन्हा की फोटो वायरल हुई है वो फरार वारंटी और कथित तौर पर अपराधी है.

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नामजद फरार वारंटी हैं चंद्रजीत वर्मा उर्फ जीतू वर्मा

इस सप्ताह के सोमवार को जयंत सिन्हा अपने चुनाव प्रचार-प्रसार के लिए हजारीबाग जिला के केरेडारी थाना क्षेत्र पहुंचे. वहां उन्होंने चंद्रजीत उर्फ जीतू वर्मा के साथ मुलाकात की. मुलाकात के अलावा चुनावी चर्चा हुई.

जयंत सिन्हा को खाना परोसते जीतू वर्मा

जयंत सिन्हा ने हत्या जैसे कांड में आरोपी और फरार चंद्रजीत वर्मा के घर भोजन किया. साथ में फोटो सेशन हुआ वो अलग. लेकिन थोड़ी ही देर के बाद चंद्रजीत वर्मा का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

इस फोटो में साफ देखा जा सकता है कि अपने ट्विटर अकाउंट में चौकीदार शब्द जोड़ने वाले जयंत सिन्हा एक नामजद फरार वारंटी के साथ खड़े हैं.

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चंद्रजीत वर्मा उर्फ जीतू वर्मा पर केरेडारी थाना में कांड संख्या 22/16 दर्ज है. उसपर हत्या जैसा संगीन आरोप है. आरोप है कि केरेडारी थाना के पांडु गांव निवासी मो. माजिद को चंद्रजीत ने छत से धकेल दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी. मामले में चंद्रजीत वर्मा पर वारंट निकला हुआ है. पुलिस के मुताबिक वो फरार है.

उग्रवादी संगठन के सरगना राजू साव के साथ भी दिखे

पूर्व मंत्री योगेंद्र साव का उग्रवादी संगठन के सरगना राजू साव के साथ एक फोटो क्या वायरल हुआ, हाय-तौबा मच गया था. यहां तक कि योग्रेंद्र साव को कुर्सी भी गंवानी पड़ गयी थी. उसके बाद कुछ दुश्वारियों के बाद यह जनाब फिर दिखे. इस बार ये सीएम रघुवर के साथ दिखे गए.

जयंत सिन्हा के साथ लाल घेरे में उग्रवादी संगठन के सरगना राजू साव

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खबर छपने के बाद बीजेपी के कार्यकर्ता ने जो सफाई दी, उसे भी बीजेपी के लोगों ने ही गलत साबित करना शुरू कर दिया. अब यह फिर से दिखाई दे रहे हैं.

इस बार यह बहुत करीब खड़े हैं, केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा के. गौर करने वाली बात यह है कि इस बार ये जयंत सिन्हा के साथ अमरदीप यादव के साथ दिखायी दे रहे हैं.

अमरदीप ने ही इससे पहले सीएम के साथ तस्वीर वाली खबर पर कहा था कि वो किसी राजू साव को नहीं जानते हैं. ये वही राजू साव है जिनपर एक उग्रवादी संगठन के सरगना होने का आरोप है.

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