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#Chatra: टंडवा कोल परियोजनाओं में ट्रक और हाइवा मालिकों की हड़ताल जारी, कोयला ढुलाई ठप

Chatra: जिले के टंडवा कोल परियोजनाओं में कोयले की ढुलाई ठप पड़ गयी है. दरअसल, ट्रांसपोर्टिंग कंपनियों पर बकाया भाड़ा (20 करोड़) भुगतान समेत अन्य मांगें पूरी नहीं होने के कारण ट्रक और हाइवा मालिकों ने ट्रांसपोर्टिंग कंपनी और सीसीएल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.

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ट्रक और हाइवा मालिकों ने इस दौरान मगध और आम्रपाली में कोयला ढोने से साफ इंकार कर दिया है. कोयला ढोने से इनकार करने के बाद सीसीएल की परेशानी बढ़ गई है. इससे सीसीएल को करोड़ो का नुकसान उठाना पड़ रहा है. दोनों परियोजनाओं के कांटा घरों में सन्नाटा पसरा हुआ है.

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कोयले की ढुलाई हुई ठप

ट्रक और हाइवा मालिकों के कोयला ढोने से साफ इनकार करने के बाद मगध और आम्रपाली कोल परियोजना में ढुलाई पूरी तरह ठप हो गई है. सात हजार से अधिक ट्रक और हाइवा से कोयले की ढुलाई नहीं हो पायी है.

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गौरतलब है कि टंडवा कोल परियोजना में हर रोज लगभग 40 से 45 हजार टन कोयला डिस्पैच होता है. इसमें शिवपुर साइडिंग की 20 हजार टन शामिल है. शिवपुर साइडिंग में कोयले की ढुलाई तो हुई पर अन्य जगहों पर नहीं हो पाई. जबकि मगध परियोजना में भी लगभग 20 हजार टन कोयले की ढुलाई होती है,जो नहीं हो पायी.

सीसीएल को करोड़ों नुकसान

ट्रक और हाइवा मालिकों के द्वारा मगध और आम्रपाली में कोयला ढोने से साफ इंकार करने के बाद से सीसीएल को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ रहा है. दोनों कोल परियोजनाओं के कांटा घरों में सन्नाटा पसरा हुआ है. हाइवा ऑनर एसोसिएशन का दावा है कि मगध और आम्रपाली में एक भी ट्रक और हाइवा से कोयले की ढुलाई नहीं हुई. बताया जा रहा है कि पिछले डेढ साल से एसोसिएशन अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तो करता है पर आजतक एक भी मांग पूरी नहीं हुई.

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