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चतरा : पलायन को विवश हो रहे हैं आदिम जनजाति के लोग,  सरकारी महकमा नहीं दे रहा ध्यान

Chatra : चतरा जिले में आदिम जनजाति के लोग के लोग पलायन के लिए विवश हो रहे हैं. कान्हाचट्टी प्रखंड के कोल्हैया पंचायत के रमखेता गांव के एक बिरहोर परिवार की स्थिति देखकर सरकार हेमंत सरकार के दावों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. क्योंकि रमखेता का दो बिरहोर परिवार चालीस वर्षों से दर दर की ठोकरें खा रहा है. वर्तमान समय में दोनों परिवारों को मिलाकर कुल 21 सदस्य हैं,15 दिन पूर्व संफूलवा (62) के पति सुखदेव(65) बिरहोर के मौत के बाद रमखॆता के ग्रामीणों ने इस पूरे परिवार को यह कह कर भगा दिया कि तुमलोग लोग इस गांव के वासिंदा नहीं हो, तुम्हारे पति सुखदेव की मौत हो गई है, अब गांव में कुछ अनहोनी हो जाएगी, इसलिए तुम लोग यहां से चले जाओ.

इससे पूर्व भी गांव वालो ने स्नफुलवा के परिवार को उक्त गांव में बराबर किसी ना किसी बात को लेकर पड़ताडित किया जाता रहता था. गांव के ग्रामीणों ने बिरहोर परिवार को कूप और चापानल से पानी भी नहीं पीने दिया जाता था. यह परिवार पीने के लिए पानी की आवश्यकता गढ़ा व नाला में चुवा खोद कर करते थे. गर्मी के दिनों में नाला सूखने से इन्हें पानी के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. 15 दिन पूर्व सुखदेव के मौत के बाद उत्पन परस्थितियों से पलायन के लिए मजबूत हो कर पूरा परिवार कुरखेता से सदर प्रखंड़ के ऊपर बैरियो तरी अपने रिश्तेदार गोवर्धन बिरहोर के घर आने के लिए मजबूत हो गया.

इस पूरे परिवार के पास ना राशन कार्ड है, ना आधार कार्ड, किसी तरह का पेंशन भी नहीं मिल पा रहा है.

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इससे पूर्व उक्त परिवार जोरी प्रखंड के जोल्डिहा पंचायत के केडी महुवा में 30 साल रह रहा था. इन्होंने वन भूमि को साफ कर घर बनाया व खेती करने लायक जमीन भी बनाई. जिससे किसी तरह अपना गुजारा कर रहे थे.

 

सरकार द्वारा उक्त भूमि का पट्टा भी निर्गत किया गया है,लेकिन सन्फुलवा के  परिवार को भूमि का पट्टा नहीं दिया गया,बाद में वन विभाग ने संफुलवां के परिवार हटा दिया.

 

क्या कहते बिरहोर परिवार

उक्त परिवार के सदस्य सोधान बिरहोर (63) कहते है कि हम 40 साल से दर दर की ठोकरें खा रहे है,हमे कहीं पनाह नहीं दिया गया.  अब हम पूरा परिवार बैरयो तरी में ही स्थाई रूप से बसना चाहते हैं. सरकार से खेती करने लायक जमीन व अवाश दे तो हम रह सकते हैं.

मासोमात सनफुलवां बिरहोंरिन कहतीं हैं कि हम अब बैरियों तरी में ही रहना चाहते हैं. हमारे स्वजाति के कई परिवार भी स्थाई रूप से रह रहें हैं.

 

क्या कहते हैं कान्हाचट्टी बीडीओ

इस संबंध में कान्हाचट्टी प्रखंड विकाश पदाधिकारी हुलाश महतो ने कहा कि हमने अभी प्रभार लिया. प्रखंड से संबंधी सारे मामले की जानकारी कर रहे हैं, रमखेता में बिरहोर परिवार के लोगों के निवास करने आ पलायन करने की जानकारी मुझे अभी तक प्राप्त नहीं है. आदि ऐसा है तो हम इसे निश्चित रूप से सहयोग करेंगे.

 

क्या कहते हैं सदर बीडीओ

सदर प्रखंड विकास पदाधिकारी गणेश रजक ने कहा कि हाल ही में योगदान लिया हूं, मुझे जानकारी प्राप्त नहीं है. आपके द्वारा संज्ञान में दिया गया है. हम बिरहोर परिवार को सरकारी सुविधाएं निश्चित रूप से मुहैया कराएंगे.

 

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