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चतरा: मेरमगड्डा जंगल में पुलिस व माओवादियों के बीच मुठभेड़, 200 राउंड फायरिंग

अत्‍याधुनिक हथियारों से लैस हैं नक्‍सली, पुलिस ने कहा- पकड़ लेंगे

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Chatra: शुक्रवार को तड़के सुबह  पुलिस और भाकपा माओवादी नक्सलियों के बीच  पत्थलगड़ा थाना क्षेत्र में घंटों मुठभेड़ हुई. मेरमगड्डा जंगल में हुए इस मुठभेड़ में दोनों ओर से करीब दो सौ राउंड गोलियां चली. इस दौरान गोलियों की आवाज से पूरा जंगल और इलाका थर्राता रहा. मुठभेड़ समाप्त होने के बाद जहां नक्सली जंगल का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे वहीं पुलिस जंगल की घेराबंदी कर नक्सलियों की धरपकड़ के लिए सर्च अभियान में जुट गयी है.

एसपी के नेतृत्व में सीआरपीएफ, जगुआर, कोबरा, सैट और जिला बल के जवान घने जंगलों में सघन सर्च अभियान चलाने में जुटे हैं. दूसरी ओर से एएसपी निगम प्रसाद, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वरुण रजक  और सदर थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक राम अवध सिंह भी  नक्सलियों की घेराबंदी में लगे हैं. मुठभेड़ के बाद पुलिस का दावा है कि  दस्ते में शामिल नक्सली जंगल में ही छिपे हैं, जिन्हें  पकड़ लिया जाएगा.

सक्रिय हुआ माओवादी दीपक यादव का दस्ता 

इलाके में एक लम्बे अंतराल के बाद एक बार फिर से प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादियों की मौजूदगी सामने आयी है. इससे जहां ग्रामीणों में दहशत है वहीं पुलिस की बेचैनी भी बढ़ गयी है. दुर्दांत माओवादी दीपक यादव का दस्ता जिले में संगठन के खिसकते जनाधार को पुनः स्थापित करने के उद्देश्य से पत्थलगड़ा इलाके में सक्रिय हो चुका है. इस दस्ते में आधुनिक हथियारों से लैश करीब डेढ़ दर्जन माओवादी पुलिस को बड़ी क्षति देने की फिराक में लगे हैं. बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में लगे यह माओवादी घोर नक्सल प्रभावित इलाकों में विचरण कर विकास योजनाओं को प्रभावित करने में जुटे हैं, ताकि काम ठप्‍प होने के बाद नक्सल प्रभावित इलाकों में पहुंचने वाली पुलिस पार्टी को टारगेट किया जा सके. इसी उद्देश्य के तहत नक्सलियों का दस्ता पत्थलगड़ा थाना क्षेत्र के मेराल-मेरमगड्डा इलाके में सक्रिय है.

पुलिस को मिल रही हर नक्‍सली गतिविधि की सूचना

जानकारी के अनुसार नक्सलियों के इस गतिविधि की पूरी जानकारी एसपी को मिल रही थी. लगातार मिल रही सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एसपी दल बल के साथ माओवादियों की धरपकड़ के लिए छापामारी अभियान में निकले थे. अभियान के दौरान ही पुलिस को जंगल में आता देख नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी. जिसका जवाब देते हुए जवानों ने भी तत्काल मोर्चा संभाला और नक्सलियों को मुंह तोड़ जवाब दिया. जिसके बाद खुद पर पुलिस को भारी पड़ता देख नक्सली जंगल का लाभ उठाकर भाग निकले.

स्कूल में बिताई थी रात, गांव में खाया था खाना

लंबे समय के बाद इलाके में सक्रिय हुए नक्सली पत्थलगड़ा थाना क्षेत्र के घोर नक्सल प्रभावित मेरामगड्डा जंगल मे स्थित प्राथमिक विद्यालय में रात बिताई थी. वहीं डरा धमकाकर गांव में खाना बनवाकर खाया था. माओवादियों के इस दस्तक और गोलियों की तड़तड़ाहत से इलाके के ग्रामीण डरे-सहमे हैं.

दुर्दांत नक्सली है दीपक

किसी जमाने में माओवादियों के लिए संत्री का ड्यूटी करने वाला दीपक यादव आज दुर्दांत नक्सली है. संगठन के प्रति उसकी इमानदारी को देखते हुए माओवादी के शीर्ष नेतृत्व ने उसे वर्तमान में गिरिडीह जोन का रिजोन नियुक्त किया है. वह इतना दूर दांत है कि किसी भी घटना को अंजाम देने में उसके हाथ तक नहीं कांपते हैं. संगठन में उसे कारू के नाम से भी जाना जाता है. पत्थलगड़ा इलाके में दस्ते का नेतृत्व कर रहा रीजन कमांडर दीपक के विरूद्ध गिरिडीह जोन के विभिन्न थानों में करीब एक सौ से ज्यादा दुर्दांत नक्सल मामले दर्ज है. इन सभी मामलों में विभिन्न जिलों की पुलिस को उसकी लंबे समय से तलाश है.

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