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चतरा : भय में भगवान, मंदिर छोड़ पुजारी के घर ली शरण

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Chatra : मूर्ति चोरों व उच्चकों का भय अब भगवान को भी सताने लगा है. सुनने में यह आश्चर्यजनक भले ही लगता हो लेकिन यह सोलह आने सच है. शहर के अति प्राचीन मंदिरों में शुमार आस्था का केंद्र छठ तालाब सूर्य मंदिर में भगवान सूर्य व अन्य देवी देवताओं की प्रतिमा साल में दो दिन ही मंदिर में नजर आती है. शेष दिन उनकी आराधना मंदिर के पुजारी त्रिवेणी मिश्र के घर पर होती है. जिसके कारण श्रद्धालुओं को भगवान विहीन मंदिर में पूजा पाठ करने को विवश होना पड़ता है. कई वर्ष पूर्व मंदिर में रखें अति प्राचीन सूर्य की प्रतिमा के अलावे अन्य मूर्तियों को क्षेत्र में सक्रिय असामाजिक तत्वों को चोरों ने चुरा लिया था. जिसके बाद शहर में आस्था के नाम पर शांति व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो गई थी.

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आनन फानन में पुलिस में मूर्तियों को तो बरामद कर लिया लेकिन मंदिर में ना तो सुरक्षा की व्यवस्था की गई और ना ही अन्य व्यवस्था. ऐसे में चोरों वह उचक्कों के भय से मंदिर के पुजारी प्रतिमाओं को पूरे साल अपने घर में सुरक्षित रख कर पूजा अर्चना करते हैं. हां आस्था पर्व छठ के दौरान प्रतिमाओं को पुजारी के द्वारा मंदिर में जरूर स्थापित कर दिया जाता है. हलाकि धर्म प्रवचकों की मानें तो मंदिर से प्रतिमाओं को इस तरह लाना ले जाना धर्म के विपरीत है. पुजारी व श्रद्धालु भी अब मंदिर में सुरक्षा की मांग करते हुए प्रतिमा का प्राण प्रतिष्ठा कराने की मांग करने लगे हैं. गौरतलब है कि अति प्राचीन सूर्य व अन्य देवी देवताओं की प्रतिमा महंगे अष्टधातु के होने के कारण चोरों की नजर इन पर लगी रहती है. ऐसे में शहर में आस्था को लेकर विधि व्यवस्था प्रभावित ना हो इस कारण भगवान को भी पुजारी के घर शरण लेना पड़ रहा है. इधर पुलिस पदाधिकारियों की माने तो पूर्व में छठ तलाब इलाके में सुरक्षा व्यवस्था की समस्या रही होगी. लेकिन वर्तमान में परिस्थितियां बदल चुकी है. थाना प्रभारी के अनुसार मंदिर के इर्द-गिर्द 24 घंटे पुलिस की टीम पेट्रोलिंग करती है. ऐसे में चोर उचक्कों की इतनी हिम्मत नहीं कि वह पुलिस को चुनौती देकर आस्था के साथ खिलवाड़ कर सकें.

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