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राजधानी के अधिकतर डॉक से चार्टर्ड साइकिलें गायब

सड़क पर भी नहीं दिख रही हैं नगर निगम की चार्टर्ड साइकिलें

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Ranchi: राजधानी रांची में सरकार की तरफ शुरू की गयी चार्टर्ड साइकिल योजना का हाल बुरा है. राजधानी में इसके लिए 40 डॉक बनाये गये थे. अब इन डॉक में एकाध साइकिल ही दिखती है. न्यूजविंग संवाददाता ने सोमवार को सुबह में राजधानी के 10 से अधिक डॉक का जायजा लिया. इनमें से छह डॉक में एक भी साइकिल नहीं थी. जबकि कुछ-कुछ जगहों पर एक, तो कहीं दो-दो साइकिलें दिखीं. ये चार्टर्ड बाइक सड़कों पर भी नहीं दिख रही हैं.

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चार्टर्ड बाइक की शुरुआत साइकिल को प्रेरित करने के लिए की गयी थी

काफी तामझाम से जिला प्रशासन की तरफ से चार्टर्ड बाइक की शुरुआत साइकिल को प्रेरित करने के लिए की गयी थी. एक से डेढ़ महीने में इस योजना की शिकायतें अधिक आनी शुरू हो गयीं. कंपनी के अधिकारियों का दावा है कि एक साइकिल (बाइक) 24 घंटे के लिए दी जाती है. 24 घंटे में साइकिल वापस नहीं मिलने पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगता है.

पर न तो इसका अनुपालन हो रहा है और न जुर्माने की राशि का हिसाब मिल रहा है. जिला प्रशासन की तरफ से 600 से अधिक साइकिलें जर्मनी से मंगायी गयी थीं. इसका उद्देश्य साइकिल चालन को प्रोत्साहित करना था. इसमें यह कहा गया था कि इसमें डिजिटल ट्रैकिंग की व्यवस्था है और बगैर ऐप के कोई इसकी सवारी भी नहीं कर सकता है.

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क्या कहते हैं चार्टर्ड बाइक के अफसर

चार्टर्ड बाइक के अफसर अराज खान का कहना है कि साईिकल दिन भर लोग चलाते हैं. 24 घंटे में साइकिल वापस दिया जाना अनिवार्य है. यदि चार्टर्ड बाइक किसी जगह पर पड़ी दिखती है,  तो कंपनी के लोग उसे उठा कर निकटवर्ती डॉक तक पहुंचा देते हैं.

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सुबह 8.30 से 9.30 बजे रांची के विभिन्न डॉक की स्थिति

डॉक  स्टेशनसाइकिल 
बिग बाजार डॉकएक साइकिल 
रांची क्लब डॉकशून्य 
रतन टॉकिज डॉकएक 
अलबर्ट एक्का चौक डॉकचार 
वेंडर मार्केट के समीपशून्य 
कचहरी चौकशून्य 
रेडियम रोड डॉकएक 
चांदनी चौकदो 
कांके रोड डॉकशून्य 
इस्टर्न मॉल के समीपदो 
ओल्ड एचबी रोड डॉकशून्य 

 

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