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चंदवा : अमन श्रीवास्तव गुट के आतंक से दहशत में कोल व्यवसायी, पुलिस तंत्र फेल!

उग्रवाद प्रभावित चंदवा क्षेत्र में इन दिनों एक आपराधिक गुट की दस्तक आम जनता सहित व्यवसायियों में दहशत पैदा कर रही है. वर्तमान में एक अपराधिक गुट कोयला व्यवसायियों को धमकी देकर पैसे की मांग कर कहा है.

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 Chandwa : उग्रवाद प्रभावित चंदवा क्षेत्र में इन दिनों एक आपराधिक गुट की दस्तक आम जनता सहित व्यवसायियों में दहशत पैदा कर रही है. वर्तमान में एक अपराधिक गुट कोयला व्यवसायियों को धमकी देकर पैसे की मांग कर कहा है. कहा जा रहा है कि यदि समय रहते इस गिरोह पर कार्रवाई नहीं की गयी और कोल व्यवसायियों के द्वारा इसे पैसा दिया जाने लगा तो आने वाले दिनों में एक आम व्यवसायी भी इसका शिकार बन जायेगा. साथ ही नये आपराधिक गुट भी इस क्षेत्र में अपने पांव पसारना शुरू कर देंगे और क्षेत्र में गैंगवार की संभावना बढ़ जायेगी. बता दें कि तीन साल पूर्व 2015 के जून माह में चंदवा के प्रसिद्ध समाजसेवी लादू बाबू की हत्या एक आपराधिक संगठन ने कर दी थी. जानकारी के अनुसार वे कोयले से हो रहे प्रदूषण के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठा रहे थे. इस क्रम में दिनदहाड़े उनकी हत्या करवा दी गयी.

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2017 के अक्टूबर में टोरी साइडिंग में फायरिंग की गयी थी

उस समय भी क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बना था कि अपराधियों ने अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए इस घटना को अंजाम दिया. लेकिन 2015 से लेकर अक्टूबर 2018 तक किसी भी आपराधिक संगठन ने किसी भी बड़ी वारदात को अंजाम नहीं दिया. अब तीन साल बीतते के बाद नवंबर 2018 से अब तक लगातार अमन श्रीवास्तव नामक गुट के लोग सभी कोल साइडिंग में उत्पात मचा रहे हैं. जिप उपाध्यक्ष तक को दी धमकी दी गयी है.  हालांकि लोगों ने अमन श्रीवास्तव के विरुद्ध थाना में मामला भी दर्ज कराया. लेकिन पुलिस की नाकामी के कारण इस गुट के हौसले दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं.  इसी का नतीजा है कि अमन श्रीवास्तव गुट लगभग सभी जगहों पर आराम से घटनाओं को अंजाम देकर निकल जा रहा है.  इससे पूर्व 2017 के अक्टूबर में टोरी साइडिंग में फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया था.  घटना को किसने अंजाम दिया, यह आज तक रहस्य बना हुआ है.

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पुलिस का खुफ़िया तंत्र फेल हो चुका है : पुलिस का खुफ़िया तंत्र फेल हो चुका है. आम जनता के बीच चर्चा है कि पुलिस का खुफ़िया तंत्र फेल हो चुका है. या फिर पुलिस लापरवाह है.  इतने कांड होने के बाद भी आज तक किसी भी अपराधी का पकड़ा नहीं जाना चिंता का सबब है. जिस तरह अचानक इलाके में आकर नया अपराधी गुट लगातार उत्पात मचा रहा है,  उससे यह कहना गलत नही होगा कि कुछ स्थानीय अपराधी प्रवृत्ति के लोग उसकी मदद कर रहे हैं या फिर घटना में भी शामिल हो रहे हैं. क्योंकि अनजान लोगों के लिए उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र में आपराधिक वारदातों को अजाम देना इतना आसान नहीं है.

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